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भारत ने US, नॉर्वे, कनाडा, रूस से LPG इंपोर्ट बढ़ाया, तेल रिफाइनरियों को ज्यादा से ज्यादा उत्पादन का आदेश

LPG Crisis: भारत पहले अपनी LPG की कुल जरूरत का लगभग 60% हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता था, लेकिन अब वह अपनी खरीद के स्रोतों में विविधता लाया है। सरकार द्वारा उठाए गए कदमों के बावजूद विभिन्न क्षेत्रों के रेस्टोरेंट, होटल और उद्योग LPG की सप्लाई में आई कमी के कारण दबाव महसूस करने लगे हैं

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 13, 2026 पर 1:08 PM
भारत ने US, नॉर्वे, कनाडा, रूस से LPG इंपोर्ट बढ़ाया, तेल रिफाइनरियों को ज्यादा से ज्यादा उत्पादन का आदेश
घरेलू LPG की सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है और डिलीवरी का साइकिल भी पहले जैसा ही है।

भारत अब खाड़ी क्षेत्र के पारंपरिक स्रोतों के अलावा अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा और रूस जैसे नए स्रोतों से ज्यादा लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) कार्गो हासिल कर रहा है। यह बात पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कही है। रॉयटर्स के मुताबिक, पुरी ने बताया कि केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने राज्यों के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को सलाह दी है कि वे हॉस्पिटैलिटी और रेस्टोरेंट सेक्टर के लिए एक महीने तक बायोमास, केरोसिन और कोयले को वैकल्पिक ईंधन के तौर पर इस्तेमाल करने की इजाजत दें। ऐसा इसलिए ताकि LPG का इस्तेमाल कम हो सके।

पुरी ने संसद को बताया कि भारत पहले अपनी LPG की कुल जरूरत का लगभग 60% हिस्सा खाड़ी देशों से आयात करता था, लेकिन अब वह अपनी खरीद के स्रोतों में विविधता लाया है। केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए तेल रिफाइनरियों को आदेश दिया है कि वे LPG का ज्यादा से ज्यादा उत्पादन करें। साथ ही उद्योगों को होने वाली बिक्री में कटौती करें। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि LPG कनेक्शन वाले लगभग 33.3 करोड़ घरों में इसकी कमी न हो।

पुरी ने कहा कि घरेलू LPG की सप्लाई पूरी तरह से सुरक्षित है और डिलीवरी का साइकिल भी पहले जैसा ही है। कुकिंग गैस की सप्लाई को लेकर जो घबराहट फैली है, वह असल में सप्लाई की कमी के कारण नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं की चिंता के कारण पैदा हुई है।

होर्मुज के अलावा अन्य स्रोतों से कच्चे तेल की खरीद बढ़ी

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