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जबलपुर क्रूज हादसे में डूबने वाले मां-बेटे कौन? दिल्ली से घूमने आया था पूरा परिवार

Jabalpur Cruise Tragedy: बचाव में लगी टीम को आज सुबह दोनों के शव मिले। मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट के भीतर अपने कलेजे के टुकड़े को समेट लिया था। उसने बच्चे को अपने सीने से इतनी मजबूती से चिपकाया था कि मौत उन्हें अलग नहीं कर सकी। रेस्क्यू टीम ने जब उन्हें बाहर निकाला, तो दोनों के शव एक-दूसरे को बाहों में जकड़े हुए थे

Shubham Sharmaअपडेटेड May 01, 2026 पर 3:59 PM
जबलपुर क्रूज हादसे में डूबने वाले मां-बेटे कौन? दिल्ली से घूमने आया था पूरा परिवार
Jabalpur Boat Tragedy: मां-बेटे को मौत भी नहीं कर पाई जुदा, दिल्ली से घूमने आया था मैसी परिवार

मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी डैम में पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी के चलते डूब गया। अब तक 9 शव मिल चुके हैं। इस हादसे की सबसे भयावह तस्वीर थी, जब लाश ऐसी मिलीं, जिसने सभी को झकझोर दिया। एक मां आखिरी समय तक भी अपने चार साल के मासूम को अपने सीने से लगाए हुए थी। ये देख हर कोई सिहर उठा। जिस घोताखोर ने मां-बेटे की डेडबॉडी निकाली उन्होंने खुद कहा कि वह जिंदगी भर इस मंजर को नहीं भूल पाएंगे। हादसे में जान गंवाने वाली इस महिला और बच्चे की पहचान मरिना मैसी और उनके चार साल के बेटे त्रिशान के रूप में हुई।

जानकारी के मुताबिक, मैसी परिवार दिल्ली से जबलपुर घूमने आया था। परिवार में प्रदीप मैसी, उनकी पत्नी मरिना मैसी और उनके दो बच्चे- बेटा त्रिशान और बेटी सिया थे। चारों लोग नर्मदा में सैर के लिए मध्य प्रदेश टूरिज्म डिपार्टमेंट की क्रूज बोट में सवार हुए।

हालांकि, अचानक मौसम खराब होने और तेज हवाएं चलने के कारण क्रूज नदी में पलट गया। इस हादसे में पिता प्रदीप मैसी और बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। लेकिन आज सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन में उनकी पत्नी और बेटे की लाश, जिस स्थिति में मिली उसने वहां मौजूद हर किसी की आंखों में आंसू ला दिए।

बचाव में लगी टीम को आज सुबह दोनों के शव मिले। मां ने अपनी ही लाइफ जैकेट के भीतर अपने कलेजे के टुकड़े को समेट लिया था। उसने बच्चे को अपने सीने से इतनी मजबूती से चिपकाया था कि मौत उन्हें अलग नहीं कर सकी। रेस्क्यू टीम ने जब उन्हें बाहर निकाला, तो दोनों के शव एक-दूसरे को बाहों में जकड़े हुए थे।

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