शिवम के पिता ने कहा, “वह नींद में लग रहा था। जब ड्राइवर उसे देखने लगा तो उसका ध्यान भटक गया। गाड़ी ज्यादा तेज नहीं थी, लेकिन तभी सामने एक टेम्पो आ गया और हादसा हो गया।” उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद कार के दरवाजे लॉक हो गए थे। शिवम को बाहर निकालने के लिए कार की खिड़की तोड़नी पड़ी। शिवम के वकील मृत्युंजय कुमार ने भी कहा कि उनके मुवक्किल गाड़ी नहीं चला रहे थे। उनके अनुसार, शिवम पैसेंजर सीट पर बैठे थे और अचानक बेहोश हो गए थे। वकील ने कहा, “गाड़ी लॉक हो गई थी, इसलिए खिड़की तोड़नी पड़ी।” उन्होंने यह भी कहा कि मोहन नाम के एक व्यक्ति ने खुद को ड्राइवर बताया है। वकील के मुताबिक, कोर्ट बुधवार को शिवम की जमानत याचिका और जब्त की गई कार को छोड़ने से जुड़े मामले पर सुनवाई करेगा।