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Zomato और Swiggy के एजेंट्स को कर्नाटक सरकार का झटका, गिग वर्कर्स के पेमेंट पर 1% वेलफेयर फीस की घोषणा

Karnataka News: कर्नाटक सरकार के नए एक्ट के मुताबिक, वेलफेयर फीस हर ट्रांजैक्शन में गिग वर्कर को होने वाले आखिरी पेमेंट पर कैलकुलेट की जाएगी। राइड-हेलिंग सर्विस के लिए लेवी 1 प्रतिशत तय की गई है, जो टू-व्हीलर के लिए हर ट्रांजैक्शन पर 50 पैसे, थ्री-व्हीलर के लिए 75 पैसे और फोर-व्हीलर के लिए 1 रुपये तय की गई है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Feb 17, 2026 पर 12:44 PM
Zomato और Swiggy के एजेंट्स को कर्नाटक सरकार का झटका, गिग वर्कर्स के पेमेंट पर 1% वेलफेयर फीस की घोषणा
कर्नाटक सरकार ने गिग वर्कर के पेमेंट पर 1% वेलफेयर फीस लेने की घोषणा की है

Karnataka News: कर्नाटक सरकार ने 16 फरवरी को एक आदेश जारी किया। इसमें कर्नाटक प्लेटफॉर्म बेस्ड गिग वर्कर्स (सोशल सिक्योरिटी एंड वेलफेयर) एक्ट, 2025 के तहत एग्रीगेटर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म से वेलफेयर फीस लेना अनिवार्य कर दिया गया है। राज्य के लेबर डिपार्टमेंट ने अब वेलफेयर फीस को पेमेंट का 1% तय कर दिया है। यह सेक्टर के हिसाब से तय लिमिट के अनुसार है। माना जा रहा है कि वेलफेयर फीस की सीमा 50 पैसे से ₹1.5 तक कंपनियां ग्राहकों पर डालेंगी।

वेलफेयर फीस हर ट्रांजैक्शन में गिग वर्कर को होने वाले आखिरी पेमेंट पर कैलकुलेट की जाएगी। राइड-हेलिंग सर्विस के लिए लेवी 1 प्रतिशत तय की गई है, जो टू-व्हीलर के लिए हर ट्रांजैक्शन पर 50 पैसे, थ्री-व्हीलर के लिए 75 पैसे और फोर-व्हीलर के लिए 1 रुपये तय की गई है। टू-व्हीलर से की जाने वाली खाने और किराने की डिलीवरी सर्विस के लिए फीस 1 प्रतिशत होगी, जो हर ट्रांजैक्शन पर 50 पैसे तय की गई है।

लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में वेलफेयर फीस पेमेंट का 1% होगी, जो टू-व्हीलर के लिए 50 पैसे, थ्री-व्हीलर के लिए 75 पैसे, लाइट कमर्शियल व्हीकल के लिए 1 रुपये और हेवी कमर्शियल व्हीकल के लिए 1.50 रुपये तक लिमिट होगी। ई-मार्केटप्लेस सर्विस के लिए लेवी 1 फीसदी तय की गई है। इसमें टू-व्हीलर के लिए 50 पैसे, थ्री-व्हीलर के लिए 75 पैसे और लाइट कमर्शियल व्हीकल के लिए 1 रुपये की लिमिट है। प्रोफेशनल एक्टिविटी प्रोवाइडर पर 1 फीसदी लेवी लगेगी, जो हर ट्रांजैक्शन पर 1.50 रुपये तक लिमिट होगी।

ये रेट तुरंत प्रभाव से लागू होंगे। एक्ट के सेक्शन 20 के तहत हर ट्रांजैक्शन पर गिग वर्कर्स को किए गए पेमेंट का 1 फीसदी से 5 परसेंट तक 'प्लेटफॉर्म बेस्ड गिग वर्कर्स वेलफैयर फीस' लगाई जा सकती है। इस कदम का मकसद गिग और प्लेटफॉ वर्कर्स को सोशल सिक्योरिटी बेनिफिट्स देना और वेलफेयर स्कीम्स को फाइनेंस करने के लिए एक डेडिकेटेड फंड बनाना है।

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