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Trump Tariffs: ईरान से बिजनेस पर 25% टैरिफ, ट्रंप की इस धमकी का भारत पर कितना होगा असर?

Trump Tariffs: ईरान में बढ़ते हिंसक प्रदर्शनों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान कर झटका दे दिया। जानिए इसका भारत पर असर होगा या नहीं? भारत और ईरान के बीच कैसे कारोबारी संबंध हैं और ईरान में अभी क्या स्थिति है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Jan 13, 2026 पर 12:59 PM
Trump Tariffs: ईरान से बिजनेस पर 25% टैरिफ, ट्रंप की इस धमकी का भारत पर कितना होगा असर?
Trump Tariffs: अमेरिकी टैरिफ के चलते दुनिया अनिश्चितता से जूझ ही रही थी, अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और झटका दे दिया।

Trump Tariffs: अमेरिकी टैरिफ के चलते दुनिया अनिश्चितता से जूझ ही रही थी, अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और झटका दे दिया। अब उन्होंने ईरान के साथ कारोबार कर रहे देशों पर 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। उन्होंने यह ऐलान ईरान में बढ़ते हिंसक प्रदर्शनों के बीच किया है। ईरान के सभी 31 राज्यों में 600 से अधिक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और अमेरिका की ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी (HRANA) के मुताबिक कम से कम 644 लोगों की जान जा चुकी है। इसे लेकर ट्रंप ने सोमवार ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में तत्काल प्रभाव से ईरान के साथ कारोबारी संबंध वाले देशों को 25% टैरिफ का झटका दे दिया।

भारत पर कितना होगा असर?

ईरान का सबसे अधिक कारोबार चीन के साथ होता है लेकिन भारत समेत कुछ और देशों से भी इसके तगड़े कारोबारी संबंध हैं। ईरान में भारतीय एंबेसी के मुताबिक वित्त वर्ष 2025 में भारत से ईरान को $124 करोड़ का निर्यात हुआ तो ईरान से $44 करोड़ आयात हुआ। भारत से ईरान बासमती चावल, चाय, चीन, ताजे फल और दवाईयां गईं तो वहां से सेब, पिस्ता, खजूर और किवी आए। ट्रेडिंग इकनॉमिक्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2024 में भारत के निर्यात में $69.85 करोड़ की बिक्री के साथ सबसे अधिक अनाज की हिस्सेदारी रही जबकि $51.29 करोड़ की खरीदारी के साथ ऑर्गेनिक केमिकल्स की ईरान से आयात में सबसे अधिक हिस्सेदारी रही

अब अमेरिकी प्रकोप के असर की बात करें तो चूंकि रुस से तेल की खरीदारी के चलते अमेरिका ने भारत पर पहले से ही 50% का टैरिफ लगाया हुआ है तो ईरान से कारोबार के चलते अतिरिक्त टैरिफ से मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सिर्फ यही नहीं, इसके चलते भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी सौदे को लेकर भी मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सोमवार को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी सौदे को लेकर पॉजिटिव बयान दिया था और कहा था कि भारत से ज्यादा जरूरी कोई साझेदार नहीं है। हालांकि फिर ट्रंप के ऐलान ने माहौल अनिश्चित बना दिया।

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