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LTTE Chief Prabhakaran: कौन था लिट्टे चीफ प्रभाकरन जो भारत की राजनीति में आज भी जिंदा है?

Velupillai Prabhakaran: प्रतिबंधित संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के संस्थापक वी. प्रभाकरन को तमिलनाडु के सीएम विजय द्वारा श्रद्धांजलि देने से एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी को याद दिलाया कि LTTE ही उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार था

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड May 20, 2026 पर 11:16 AM
LTTE Chief Prabhakaran: कौन था लिट्टे चीफ प्रभाकरन जो भारत की राजनीति में आज भी जिंदा है?
LTTE chief Prabhakaran: श्रीलंका के विद्रोही संगठन लिट्टे पर भारत सरकार ने प्रतिबंध लगाया है

LTTE chief Prabhakaran: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने विजय द्वारा प्रतिबंधित संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) के संस्थापक वी. प्रभाकरन को श्रद्धांजलि देने से एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए विपक्ष के नेता राहुल गांधी को याद दिलाया कि LTTE ही उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के लिए जिम्मेदार था। वहीं, विजय का बचाव करते हुए उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के सूत्रों ने जोर देकर कहा कि उनका संदर्भ श्रीलंका में हजारों तमिलों के नरसंहार से था, न कि केवल प्रभाकरन की मृत्यु से। प्रभाकरन को 18 मई, 2009 को श्रीलंका के मुल्लीवाइक्कल में श्रीलंकाई सेना द्वारा गोली मार दी गई थी।

कौन था चीफ प्रभाकरन?

Velupillai Prabhakaran श्रीलंका के तमिल उग्रवादी संगठन LTTE (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम) का संस्थापक और प्रमुख था। उसका जन्म 26 नवंबर 1954 को श्रीलंका के जाफना क्षेत्र में हुआ था। वह श्रीलंका के गृहयुद्ध का सबसे चर्चित चेहरा माना जाता है। भारत ने गैरकानूनी गतिविधियां संबंधी अधिनियम के तहत लिट्टे पर 14 मई 1992 को प्रतिबंध लगा दिया था। यूरोपीय संघ, कनाडा और अमेरिका में भी इस संगठन पर प्रतिबंध था।

श्रीलंका सरकार के विरुद्ध लिट्टे के संघर्ष के दौरान शांति बहाली के लिए द्वीपीय देश गई भारतीय सेना को वहां बल प्रयोग करना पड़ा था। इसके बाद 14 मई 2024 को लिट्टे पर प्रतिबंध को भारत सरकार ने और पांच साल के लिए बढ़ा दिया। 1991 में पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के मामले में प्रभाकरन को मुख्य आरोपी बनाया गया था।

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