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Mohan Bhagwat: 'भारत एक हिंदू राष्ट्र है'; RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- 'इसके लिए संवैधानिक मंजूरी की जरूरत नहीं'

Mohan Bhagwat News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर कहा कि वहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं। वहां हालात बहुत मुश्किल हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि भारत 'हिंदू राष्ट्र' है, यहां रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Dec 21, 2025 पर 9:53 PM
Mohan Bhagwat: 'भारत एक हिंदू राष्ट्र है'; RSS प्रमुख मोहन भागवत बोले- 'इसके लिए संवैधानिक मंजूरी की जरूरत नहीं'
Mohan Bhagwat News: RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत 'हिंदू राष्ट्र' है, यहां रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है

Mohan Bhagwat News: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार (21 दिसंबर) को कहा कि भारत एक 'हिंदू राष्ट्र' है। उन्होंने कहा कि यहां रहने वाला हर व्यक्ति हिंदू है। RSS प्रमुख ने कहा कि इसके लिए संसद से किसी संवैधानिक मंजूरी की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह सच है। RSS के 100 साल पूरे होने के मौके पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा, "भारत एक हिंदू राष्ट्र है और यह तब तक रहेगा जब तक देश में भारतीय संस्कृति की सराहना की जाती रहेगी।"

कोलकाता में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भागवत ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वहां हिंदू अल्पसंख्यक हैं। वहां हालात बहुत मुश्किल हैं। मुश्किल हालात के बावजूद वहां हिंदुओं को ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा के लिए एकजुट रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के हिंदुओं को उनकी मदद करनी चाहिए।

'हिंदू राष्ट्र' पर भागवत ने कहा, "क्या इसके लिए भी हमें संवैधानिक मंजूरी की जरूरत है? हिंदुस्तान एक हिंदू राष्ट्र है। जो भी भारत को अपनी मातृभूमि मानता है... भारतीय संस्कृति की सराहना करता है, जब तक हिंदुस्तान की धरती पर एक भी व्यक्ति जीवित है जो भारतीय पूर्वजों की महिमा में विश्वास करता है... उसे संजोता है, तब तक भारत एक हिंदू राष्ट्र है। यह संघ की विचारधारा है।"

मोहन भागवत ने यह भी कहा कि भ्रामक दुष्प्रचार के कारण समाज के एक वर्ग में RSS को लेकर कुछ गलतफहमियां हैं। भागवत ने 'साइंस सिटी' सभागार में आरएसएस के शताब्दी समारोह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कहा कि संघ का कोई शत्रु नहीं है। लेकिन कुछ ऐसे लोग हैं जिनकी संकीर्ण स्वार्थ की दुकानें संगठन के बढ़ने से बंद हो जाएंगी। उन्होंने कहा कि आरएसएस का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। संघ हिंदू समाज के कल्याण एवं संरक्षण के लिए कार्य करता है।

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