उन्होंने साफ कहा कि भाजपा को इस बात से कोई आपत्ति नहीं है कि कौन नया नाम जुड़ा या कौन छूटा, लेकिन जो भी आपत्तियां हैं, उन्हें फॉर्म-7 के जरिए चुनाव आयोग को सौंपा जाएगा। समिक ने कहा कि निष्पक्ष और बिना गलती वाली वोटर लिस्ट देना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है और आयोग को यह जिम्मेदारी निभानी ही होगी। इसके साथ ही, भट्टाचार्य ने यह भी आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस SIR प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा, "सत्ताधारी पार्टी चाहती है कि अवैध घुसपैठियों और रोहिंग्या मतदाताओं के नाम सूची में बने रहें ताकि चुनाव प्रभावित किया जा सके।" उन्होंने यह भी दावा किया कि राज्य में पासपोर्ट और दस्तावेज बनाने का एक बड़ा रैकेट एक्टिव है, जिसकी जांच होनी चाहिए। समिक ने कहा, "वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी केंद्र की नहीं, बल्कि राज्य सरकार की होती है। लेकिन बंगाल में हर जगह एक रैकेट काम कर रहा है।" उन्होंने जनता से अपील की कि वे खुद समझें कि सही और गलत क्या है, क्योंकि इसका असर सीधे चुनाव नतीजों पर पड़ेगा।