ट्रेन की लगातार देरी से जुड़ा एक अनोखा मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले की एक छात्रा को रेलवे से 9.10 लाख रुपये का मुआवजा मिला है। वजह यह रही कि ट्रेन दो घंटे से ज्यादा लेट हो गई, जिससे वह एक जरूरी एंट्रेंस एग्जाम नहीं दे पाई। छात्रा समृद्धि ने इस मामले को जिला कंज्यूमर फोरम में उठाया था। साल 2018 में वह इंटरसिटी सुपरफास्ट ट्रेन से परीक्षा देने जा रही थी, लेकिन ट्रेन के देर से पहुंचने के कारण वह BSc बायोटेक्नोलॉजी की एंट्रेंस परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी। करीब सात साल तक चले केस के बाद आयोग ने समृद्धि के पक्ष में फैसला दिया और रेलवे को लापरवाही का जिम्मेदार माना।
