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Tirumala Temple: तिरुपति बालाजी मंदिर में काम कर रहे थे 4 गैर हिंदू कर्मचारी, TTD ने किया सस्पेंड

Tirumala Temple: तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने एक आधिकारिक बयान में पुष्टि की है कि उसने अपने चार कर्मचारियों को अन्य धर्मों का पालन करने के आरोपों के आधार पर निलंबित कर दिया है। संस्था ने कहा कि इन कर्मचारियों ने संस्थान की आचार संहिता का उल्लंघन किया। उन्होंने एक हिंदू धार्मिक संगठन के लिए काम करते हुए अपने कर्तव्यों का गैर-जिम्मेदाराना ढंग से पालन किया

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 20, 2025 पर 10:22 AM
Tirumala Temple: तिरुपति बालाजी मंदिर में काम कर रहे थे 4 गैर हिंदू कर्मचारी, TTD ने किया सस्पेंड
Tirumala Temple: टीटीडी ने दूसरे धर्मों को मानने के आरोप में अपने चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया

Sri Venkateswara Swamy temple in Tirumala: आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले के तिरुमाला में स्थित प्रसिद्ध श्री वेंकटेश्वर मंदिर का संचालन करने वाली आधिकारिक संस्था तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने गैर हिंदू होने और अन्य धर्मों का पालन करने के आरोप में अपने चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। मंदिर समिति ने उप कार्यकारी अभियंता (गुणवत्ता नियंत्रण) बी. एलिजर, बीआईआरआरडी अस्पताल की नर्स एस. रोजी, बीआईआरआरडी अस्पताल की ग्रेड-1 फार्मासिस्ट एम. प्रेमवती और एस.वी. आयुर्वेद फार्मेसी की कर्मी जी. असुंथा को निलंबित कर दिया।

शनिवार को जारी एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया, "टीटीडी ने दूसरे धर्मों को मानने के आरोप में अपने चार कर्मचारियों को निलंबित कर दिया" ऐसा माना जाता है कि इन कर्मचारियों ने संस्था के नियमों का उल्लंघन किया है। एक हिंदू धार्मिक संगठन का प्रतिनिधित्व तथा उसके लिए काम करते हुए अपने कर्तव्यों का गैर-जिम्मेदाराना ढंग से निर्वहन किया है।

मंदिर के आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि टीटीडी सतर्कता विभाग द्वारा पेश रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद नियमों के अनुसार उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। इस दौरान चार कर्मचारियों को तुरंत निलंबित कर दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने चार कर्मचारियों को ईसाई धर्म का पालन करने के आरोप में निलंबित किया है। यह संस्था के नियमों का उल्लंघन है। TTD ने बताया कि यह कार्रवाई जांच के बाद की गई है।

20 मई को संस्था के अध्यक्ष बी.आर. नायडू के नेतृत्व में टीटीडी ट्रस्ट बोर्ड ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पारित किया था। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि टीटीडी द्वारा प्रबंधित किसी भी संस्थान में कोई भी गैर-हिंदू मौजूद न रहे। गैर-हिंदू कर्मचारियों को अन्य सरकारी विभागों में शिफ्ट कर दिया गया या उन्हें VRS की पेशकश की गई।

इस महीने की शुरुआत में टीटीडी ने सहायक कार्यकारी अधिकारी ए. राजशेखर बाबू को तिरुपति जिले में स्थित अपने गृहनगर पुत्तूर में ईसाई प्रार्थना सभाओं में कथित रूप से शामिल होने के आरोप में निलंबित कर दिया था। मंगलवार को एक आधिकारिक बयान में टीटीडी ने कहा कि राजशेखर बाबू हर रविवार को चर्च की प्रार्थना में भाग लेते पाए गए, जो संगठन के मानदंडों का उल्लंघन माना गया।

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