रमजान का महीना शुरू होते ही बाजारों में खजूर की रौनक साफ दिखाई देने लगती है। ये सिर्फ एक फल नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सेहत से जुड़ा अहम हिस्सा है। रोजा खोलते समय खजूर खाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है, क्योंकि इसे पाक और बरकत वाला फल माना जाता है। दिनभर भूखे-प्यासे रहने के बाद जब शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है, तब खजूर तुरंत ताकत देने का काम करता है। इसकी प्राकृतिक मिठास शरीर को बिना नुकसान पहुंचाए इंस्टेंट एनर्जी देती है और कमजोरी दूर करने में मदद करती है।
