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Radish: सर्दियों की सुपरफूड मूली या स्लो पॉइजन? जानें एक्सपर्ट्स की राय

Who should not eat radish: सर्दियों के आते ही बाजार में सफेद और कुरकुरी मूली की भरमार दिखने लगती है। पराठा, सलाद या सब्जी—हर रूप में मूली पसंद की जाती है। इसे सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन इसके कुछ नुकसान भी हो सकते हैं। इसलिए सही मात्रा और सही समय जानना जरूरी है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 11, 2026 पर 8:28 AM
Radish: सर्दियों की सुपरफूड मूली या स्लो पॉइजन? जानें एक्सपर्ट्स की राय
मूली को दोपहर के भोजन के साथ खाना सबसे बेहतर होता है।

जैसे ही सर्दियों का मौसम शुरू होता है, बाज़ार में सफेद, लंबी और कुरकुरी मूली हर जगह दिखाई देने लगती है। पराठे से लेकर सलाद और सब्जी तक, मूली सर्दियों की थाली का अहम हिस्सा बन जाती है। इसका स्वाद जितना चटपटा होता है, उतनी ही इसे सेहत के लिए फायदेमंद सब्जी माना जाता है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक पोषण विज्ञान तक, मूली को पाचन, इम्यूनिटी और शरीर की सफाई से जोड़कर देखा जाता है। यही वजह है कि कई लोग इसे रोजाना अपनी डाइट में शामिल करते हैं। हालांकि, हर चीज की तरह मूली के साथ भी संतुलन जरूरी है।

बहुत से लोग इसके फ़ायदों के बारे में तो जानते हैं, लेकिन इसके संभावित नुकसानों पर ध्यान नहीं देते। गलत समय पर या जरूरत से ज्यादा मूली खाने से पेट, गैस या दूसरी परेशानियां हो सकती हैं। ऐसे में ये जानना जरूरी हो जाता है कि मूली कब और कितनी मात्रा में खानी चाहिए। इस लेख में हम मूली से जुड़े कुछ अहम पहलुओं पर नजर डालेंगे, ताकि आप समझदारी से इसे अपनी डाइट का हिस्सा बना सकें।

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