Get App

राजस्थान में कौन होगा कांग्रेस का CM चेहरा? सचिन पायलट ने इन 3 लोगों पर छोड़ा फैसला

कांग्रेस (Congress) पार्टी ने शनिवार 16 सितंबर को "अदाणी ग्रुप (Adani Group) से जुड़ी संस्थाओं" के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर कार्रवाई नहीं करने के सेबी (SEBI) के कदम पर सवाल उठाया। सात ही पार्टी ने संसद के विशेष सत्र के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) बनाने की भी मांग की। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सवाल किया कि आखिर इस मामले में SEBI नींद से कब जागेगा?

Moneycontrol Newsअपडेटेड Sep 16, 2023 पर 5:23 PM
राजस्थान में कौन होगा कांग्रेस का CM चेहरा? सचिन पायलट ने इन 3 लोगों पर छोड़ा फैसला
सचिन पायलट ने दावा किया कि कांग्रेस ने 2018 के राजस्थान चुनावों में किए सभी चुनावी वादों को पूरा किया है

कांग्रेस (Congress) नेता सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने जोर देकर कहा कि उनका पार्टी आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव (Rajsthan Assembly Election) में 'एकजुट' होकर लड़ेगी। मुख्यमंत्री पद के चेहरे के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसका फैसला चुनाव बाद विधायक दल की सलाह पर आलाकमान करेगा। पायलट न भरोसा जताया कि कांग्रेस इस बार राजस्थान में 'हर 5 साल में सरकार बदलने' के ट्रेंड को तोड़ने जा रही है और अधिक सीटों के साथ सत्ता में वापसी करेगी। राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और इस वक्त सभी की प्राथमिकता और कोशिश राज्य में पार्टी को चुनाव जीताने की है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के साथ एक बातचीन ने सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस ने 2018 के राजस्थान चुनावों में किए गए सभी चुनावी वादों को पूरा किया है और इसी कारण उन्हें यकीन है कि वे बीजेपी को हरा पाएंगे।

राजस्थान में अभी कांग्रेस की सरकार है और अशोक गहलोत मुख्यमंत्री हैं। हालांकि सचिन पायलट ने कुछ दिनों पहले एक बयान में कहा था कि अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री होने के बावजूद पार्टी चुनाव में बिना किसी सीएम पद के चेहरे के उतरेगी और सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। इस बारे में सवाल पूछे जाने पर पायलट ने कहा कि यह न केवल राजस्थान में बल्कि पूरे देश में कांग्रेस की परंपरा और परिपाटी रही है।

उनका कहना था, "एक बार जब हम चुनाव जीत जाते हैं और बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो उसके बाद विधायक और पार्टी नेतृत्व तय करते हैं कि विधायक दल का नेतृत्व कौन करेगा। यह कोई नई बात नहीं है। यह दशकों से कांग्रेस की पंरपरा रही है और अगले कुछ महीने में जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, हम वहां भी इसी नीति के साथ जाएंगे।"

सब समाचार

+ और भी पढ़ें