Budget 2021 Highlights:: फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) बजट पेश करने से पहले कैबिनेट की बैठक कर रही हैं। बैठक के बाद वह आज बजट पेश करेंगी। इस बार वह देसी बहीखाता लेकर नहीं आई हैं बल्कि उनके हाथ में टैबलेट है। कोरोनावायरस संक्रमण के कारण इस बार बजट पेपरलेस पेश किया जा रहा है। 

इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं, जानिए बजट की तमाम अहम घोषणाएं...

12.52 AM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण पूरा हुआ। सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित।

12.50 AM

GST में पिछले कुछ महीनों में रिकॉर्ड कलेक्शन हुआ है। वित्त मंत्री ने कहा कि GST प्रक्रिया को आसान बनाने पर काम होगा। मोबाइल उपकरणों पर कस्टम ड्यूटी 2.5% हुई। स्टील पर कस्टम ड्यूटी घटाकर 7.5% की गई। नैफ्था पर सीमा शुल्क घटाकर 2.5% किया गया। 1 अक्टूबर 2021 से नया कस्टम ड्यूटी सिस्टम लागू होगा।

12.35 AM

ब्याज और पेंशन से होने वाली आय में 75 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को आई-टी रिटर्न फाइलिंग में छूट मिलेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे करदाताओं को टैक्स में राहत देंगे। NRIs के लिए डबल टैक्सेशन में राहत देने कि लिए नियम बनाए जाएंगे। टैक्स ऑडिट की सीमा को 5 करोड़ रुपुये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का प्रावधान किया। सस्ते मकानों पर ब्याज में राहत 1 साल के लिए बढ़ी।

वित्त मंत्री ने कहा कि 2014 में 3.31 करोड़ इनकम टैक्सपेयर थे, जिनकी संख्या बढ़कर 6.48 करोड़ हो गई है। 50 लाख रुपये से अधिक की आय को छिपाने के गंभीर कर अपराधों को 10 साल बाद फिर से खोला जा सकता है।

31 मार्च 2022 तक कोई टैक्स नहीं देना होगा। REITs, InViTs के डिविडेंट पर टैक्स नहीं देना होगा। NRIs को इनकम टैक्स में ऑडिट से छूट मिलेगी। साथ ही 3 साल से पुराने टैक्स के पेंडिंग मामले नहीं खोले जाएंगे।

12.25 AM

वित्त वर्ष 2021-22 में Fiscal Deficit यानी राजकोषीय घाटा GDP के 6.8% रहने का अनुमान। वहीं, इस वित्त वर्ष में सरकार का राजकोषीय घाटा GDP के 9.5% के बराबर रहने की संभावना है। राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए 80,000 करोड़ रुपये का जरूरत होगी।

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा है कि सरकार इस साल दो सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी कम करने वाली है। इसके साथ ही इस साल सरकार सरकारी इंश्योरेंस कंपनी LIC का IPO लॉन्च करने की तैयारी में है।

12.15 AM

पहली बार देश की जनगणना डिजिटल होगी। यानी डिजिटल सेंसस होगा।

100 से ज्यादा सैनिक स्कूलों का गठन होगा। इससे अलावा HECI यानी हाईयर एजुकेशन काउंसिल का गठन होगा।  15,000 स्कीलों को आदर्श स्कूल बनाया जाएगा। रिसर्च के क्षेत्र में 50,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। आदिवासी इलाकों में स्कूल खोलने पर 38,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

जिस एपीएमसी को खत्म करने का आरोप लगाते हुए पंजाब और हरियाणा के किसान आंदोलित हुए, उसी एपीएमसी को और विकसित करने के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड खर्च करने की घोषणा की है। जिस सरकारी खरीद को बंद किये जाने का काल्पनिक भूत खड़ा कर किसानों को सड़क पर उतरने को कहा जा रहा है, उसके तहत इस साल 75,000 करोड़ रुपये से अधिक रकम की गेहूं खरीद की गई है। यह खरीद यूपीए के शासन के अंतिम वर्ष में 32,000 करोड़ रुपये रही थी।
- भुवन भास्कर, आर्थिक मामलों के जानकार

स्टार्टअप्स के लिए मार्जिन मनी की आवश्यकता को 25% से घटाकर 15% करने का प्रस्ताव दिया।

यह अनुमान तो पहले से ही था कि 2020-21 में वित्तीय घाटा लक्षित 3.5% के दोगुना तक जा सकता है, लेकिन यह 9.5% तक जा सकता है, इसका अनुमान कम था। इसे देखते हुए 2021-22 के दौरान वित्तीय घाटे के लक्ष्य को 6.8% तक रखने का लक्ष्य व्यावहारिक लगता है। लेकिन जिस तरह पूंजीगत खर्च, स्वास्थ्य क्षेत्र और बुनियादी ढांचे पर बजट प्रावधानों में भारी वृद्धि की गई है, उसे देखते हुए इस लक्ष्य को हासिल कर पाना चुनौतीपूर्ण होगा। विनिवेश से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
- भुवन भास्कर, आर्थिक मामलों के जानकार

11.55 AM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2022 के लिए 1.76 लाख करोड़ विनिवेश का लक्ष्य रखा है। इसी वित्त वर्ष में LIC का IPO लाया जाएगा। इसके अलावा IDBI में विनिवेश होगा। वित्त मंत्री ने कहा कि BPCL, एयर इंडिया, IDBI, एससीआई और कॉनकोर का विनिवेश वर्ष 2021-22 में पूरा हो जाएगा।

पब्लिक सेक्टर बैंकों में और 20,000 करोड़ रुपये कैपिटल इंफ्यूज किया जाएगा। बैंकों में पैसा सुरक्षित रहे इसके पुख्ता इंतजान किए जाएंगे।  बैंकों की NPA की समस्या से निपटने के लिए बैड बैंक (Bad Bank )का ऐलान किया गया।

11.45 AM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि गोल्ड एक्सचेंज के लिए SEBI ही रेगुलेटर होगा। वहीं, स्टॉक मार्केट के लिए इंवेस्टर्स चार्टर का एलान किया है। साथ ही त्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिक्योरिटी मार्केट कोड लॉन्च करने का एलान किया गया है।

छोटी कंपनियों के लिए पेडअप कैपिटल की लिमिट 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किया। 

इंश्योरेंस सेक्टर को विदेशी निवेश  को मंजूरी

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने इंश्योरेंस सेक्टर को विदेशी निवेश के लिए और खोल दिया है। इंश्योरेंस सेक्टर में अब विदेशी निवेश की सीमा (FDI) 74 फीसदी है। यह पहले 49 फीसदी थी

11.40 AM

रेल बजट पर 1.1 लाख करोड़ खर्च होगा। वहीं, 2030 को ध्यान में रखकर रेवले के लिए एक प्लान तैयार हो रहा है।  46,000 किमी रेल लाइन पर इलेक्ट्रिक ट्रेन दौड़ेगी। पर्यटन वाले रूट्स पर नई ट्रेनें चलेंगी और नए कोच लगाए जाएंगे।

11,000 करोड़ रुपये पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर खर्च करने का ऐलान। प्राइवेट सेक्टर से 30,000 बसें लेकर चलाएगी सरकार। बंगाल में नेशनल हाईवे पर 25,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 11,000 किलोमीटर के हाईवे का काम पूरा हुआ, मार्च 2022 तक 8500 किलोमीटर के हाईवे बनाए जाएंगे

वित्त मंत्री ने तमिलनाडु में 3500 किमी रोड कॉरिडोर का प्रस्ताव पेश किया है। केरल में 65000 करोड़ के निवेश से 1100 किमी हाइवे का निर्माण होगा। वहीं, पश्चित बंगाल में 95,000 करोड़ की लागत से 675 किमी हाइवे और असम में अगले तीन साल में 1300 किमी हाइवे निर्माण करने का लक्ष्य रखा गया है।

जो काम सालों तक गरीब और ग्रामीण लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं और नवजात शिशुओं की मौतें नहीं करा सकीं, वह आखिरकार कोरोना वायरस ने करा लिया। भारत सरकार के स्वास्थ्य बजट में 137% की बढ़ोतरी की गई है और 2021-22 के दौरान सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में 2.23 लाख करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है।
- भुवन भास्कर, आर्थिक मामलों के जानकार

11.35 AM

पूंजीगत व्यव में पिछले साल के बजट प्रावधान के मुकाबले 34.5% बढ़ोतरी के साथ 5.54 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह एक बहुत ही साहसिक निर्णय है और तय है कि इससे अगले साल बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।

स्वास्थ्य सेक्टर के लिए बड़ी घोषनाएं

वित्त मंत्री ने स्वास्थ्य का बजट 94 हजार करोड़ से बढ़ाकर 2.23 लाख करोड़ किया। साथ ही  देश भर में 75 हजार हेल्थ सेंटर्स बनाए जाएंगे और 17 नए पब्लिक हेल्थ यूनिट शुरू किए जाएंगे। सरकार ने कोरोना वैक्सीन के लिए 35 हजार करोड़ रुपये रखे हैं। साथ ही 7 बायो सेफ्टी स्तर के 3 लैब, वायरोलॉजी लैब का भी गठन करने की घोषणा की है और 15 हेल्थ इमरजेंसी सेंटर और 2 मोबाइल अस्पताल की शुरुआत की बात कही है।

आत्मनिर्भर भारत के तहत 13 सेक्टरों को इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का ग्लोबल चैंपियन बनाने के लिए अगले 5 साल में 1.97 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे स्टील, सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर को फायदा होने की उम्मीद है।
यह एक सकारात्मक बात है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन बड़े खर्चाों की घोषणा के साथ ही पैसे कहां से जुटाए जाएंगे, इसके बारे में भी बात कर रही हैं। चाहे इंफ्रास्ट्रक्चर हो, स्वास्थ्य या रेलवे और हाईवे - हर सेक्टर में पैसे जुटाने के लिए अलग से वित्त मंत्री ने योजनाओं की घोषणा की है। यह दर्शाता है कि सरकार इस बजट में की जा रही घोषणाओं को उनके अंजाम तक पहुंचाने को लेकर गंभीर है।
- भुवन भास्कर, आर्थिक मामलों के जानकार


11.30 AM

एयरपोर्ट्स को भी Monetise किया जाएगा। रेवले का डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर बनकर तैयार हो रहा है। कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 4.39 लाख करोड़ रुपये खर्च किया जाएगा। इसके अलावा 44,000 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिया जाएगा और राज्यों को भी इसके लिए पैसे दिए जाएंगे। सरकार और ज्यादा इकोनॉमिक कॉरीडोर का विकास करेगी।

11.20 AM

5 ट्रिलियन की अर्थव्यस्ता के लिए PLI स्कीम पर जोर देने की बात कही। आत्मनिर्भर भारत के तहत 13 सेक्टरों को इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर का ग्लोबल चैंपियन बनाने के लिए अगले 5 साल में 1.97 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे स्टील, सीमेंट और इंफ्रास्ट्रक्चर को फायदा होने की उम्मीद है।

ऑटो सेक्टर को जिस पॉलिसी का इंतजार था, वो आ गई। निजी गाड़ियां 20 साल और व्यावसायिक वाहन 15 साल के बाद सड़कों पर नहीं उतर सकेंगे। ऑटो सेक्टर के लिए बिग पॉजिटिव।

11.10 AM

वित्त मंत्री ने 64,180 करोड़ रुपये हेल्थ स्कीम का ऐलान किया। कहा, ये बजट 6 स्तंभों पर आधारित है। जिनमें स्वास्थ्य और कल्याण सबसे पहला स्तंभ है। भारत सरकार ने पोषण अभियान की शुरुआत की है। 112 जिलों में इसकी व्यवस्था और बेहतर बनाएं। हेल्थ सेक्टर के लिए लॉन्च होगी आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना लाएंगे।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने जिस तरह बजट भाषण की शुरुआत की है, उसमें दो बातें साफ हैं - एक तो कोरोना वायरस से लड़ने में सरकार की मेहनत और खर्च और दूसरा, आमलोगों द्वारा झेली गई मुश्किलें। इन दोनों बातों को जोड़ दें, तो संकेत यही मिलत है कि इस बजट में जहां सरकार कोविड के नाम पर कुछ खर्च बढ़ाने जा रही है, वहीं लोगों को कोरोना के कारण पड़ी मुश्किलों से राहत देने के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं भी होने जा रही हैं।
- भुवन भास्कर, आर्थिक मामलों के जानकार

11.10 AM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने जिस तरह बजट भाषण की शुरुआत की है, उसमें दो बातें साफ हैं - एक तो कोरोना वायरस से लड़ने में सरकार की मेहनत और खर्च और दूसरा, आमलोगों द्वारा झेली गई मुश्किलें। इन दोनों बातों को जोड़ दें, तो संकेत यही मिलत है कि इस बजट में जहां सरकार कोविड के नाम पर कुछ खर्च बढ़ाने जा रही है, वहीं लोगों को कोरोना के कारण पड़ी मुश्किलों से राहत देने के लिए कुछ बड़ी घोषणाएं भी होने जा रही हैं।

11.00 AM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण शुरू किया। उन्होंने कहा कि यह बजट चुनौतियों भले माहौल में पेश हो रहा है। कोरोना वायरस महामारी के कारण लोगों ने जान गंवाई। इस दौरान हमने 40 करोड़ किसानों के खाते में पैसा जाए, इसकी व्यवस्था की गई। सरकार ने 4 आत्मनिर्भर पैकेज की घोषमा की। हमने GDP की 13% राशि यानी 27 लाख करोड़ रुपये मार्केट में डाले।

   
10.55 AM


नरेंद्र मोदी सरकार का यह सातवां पूर्ण बजट है। पिछले 6 बजट में केंद्र सरकार ने कई बड़ी घोषनाएं की हैं, जिनमें इनकम टैक्स में कई तरह की छूट शामिल हैं। इस साल के बजट से भी लोगों को इनकम टैक्स में राहत मिलने की उम्मीद है। लोगों को यह उम्मीद है कि सरकार इस साल भी टैक्स स्लैब में बदलाव कर सकती है और टैक्स छूट का दायरा बढ़ा सकती है। आइए जानते हैं मोदी सरकार ने अपने 7 साल के कार्यकाल में अब तक इनकम टैक्स के मोर्चे पर कौन से बड़े बदलाव किए हैं।

पूरी खबर यहां पढ़ें- मोदी सरकार के कार्यकाल में अब तक कितना बदला इनकम टैक्स 

10.35 AM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) आज संसद में 11 बजे आम बजट (Budget 2021) पेश करेंगी। आम बजट को आप लाइव देख सकें इसके लिए वित्त मंत्रालय ने एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया है। यूनियन बजट मोबाइल ऐप को एंड्रॉइड डिवाइस पर Google Play Store से और iOS डिवाइस पर Apple ऐप स्टोर से डाउनलोड किया जा सकता है। इसके अलावा ऐप को केंद्रीय बजट वेब पोर्टल (www.Indiabudget.Gov.In) से भी डाउनलोड किया जा सकता है।

पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

10.15 AM

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतरमण इस बार देसी बहीखाता लेकर नहीं आई हैं। कोरोनावायरस  संक्रमण के कारण इस बार पेपरलेस बजट पेश किया जा रहा है। इसलिए वित्त मंत्री अपने साथ देसी टैबलेट लेकर आई हैं।

यह भी पढ़ें- बजट से बजट तक कैसा रहा बाजार का सफर?

10:05 AM

PSE Privatisation Policy का ब्लूप्रिंट हो सकता है पेश

बजट 2021 में उम्मीद जताई जा रही है कि फाइनेंस मिनिस्टर सरकारी कंपनियों के प्राइवेटाइजेशन के लिए नीति (PSE Privatisation Policy) का ब्लूप्रिंट पेश कर सकती हैं। केंद्र सरकार की योजना उन सभी सरकारी कंपनियों (PSUs) में अपनी हिस्सेदारी बेचने की है, जो रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण नहीं हैं। सरकार नॉन-स्ट्रेटेजिक सेक्टर (non-strategic sector) की सभी PSUs से एग्जिट (exit) करने की तैयारी में है।

9:55 AM

हॉस्पिटल खोलने पर आयकर डिडक्शन का प्रस्ताव

हेल्थकेयर सेक्टर में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने के लिए टैक्स छूट का दायरा बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बजट में छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में 100 से कम बेड वाले हॉस्पिटल खोलने पर आयकर डिडक्शन देने के प्रस्ताव लाया जा सकता है। 
   
9.35 AM


फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण और राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर नॉर्थ ब्लॉक से लोकसभा जाने के लिए निकल चुके हैं। लोकसभा में आज 11 बजे बजट पेश होने वाला है। इस साल का बजट सरकार के लिए मुश्किल साबित हो सकता है क्योंकि कोरोनावायरस संक्रमण को रोकने के लिए सरकार पहले ही खजाने से काफी रकम खाली कर चुकी है। सरकार के पास अब खर्च के कितने विकल्प हैं और किस सेक्टर पर सबसे ज्यादा सपोर्ट मिलेगा..यह बजट पेश होने के बाद ही पता चलेगा।

9.15AM

बजट से पहले शेयर बाजार में अच्छी तेजी रही है। सेसेंक्स 440 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ 46,728.83 के स्तर पर नजर आ रहा है तो वहीं निफ्टी में भी 130 अंक यानी 1 फीसदी की बढ़त के साथ 13750 के आसपास कारोबार कर रहा है।

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8.52 AM

फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण और राज्य वित्त मंत्री अनुराग ठाकुर नॉर्थ ब्लॉक पहुंच चुके हैं। नॉर्थ ब्लॉक में ही फाइनेंस मिनिस्ट्री है। अनुराग ठाकुर ने ANI से कहा है कि इस बार बजट लोगों की उम्मीदों के मुताबिक है।

 

8:40AM

SMEs और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने की मांग

इस बार के बजट में लोगों को उम्मीद है कि सरकार टेक्नोलॉजी पर पुश देने के साथ ही ऑयल एंड गैस में लगने वाले टैक्स में कटौती करें। टेक्नोलॉजी को और बढ़ावा देने की जरूरत है। जानकारों ने इंपोर्ट को कम करने पर जोर दिया है। बजट में SMEs और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना की मांग की गई है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि बजट में इंफ्रास्ट्र्रक्चर को बड़ा बूस्ट मिलेगा।

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8:20AM

रियल एस्टेट की क्या हैं उम्मीदें

कोरोना संकट के चलते रियल एस्टेट पर तगड़ी मार पड़ी है। ऐसे में रियल एस्टेट फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण के बजट से काफी उम्मीदें हैं। रियल एस्टेट को उम्मीद है कि इनकम टैक्स एक्ट 80C के तहत टैक्स छूट का दायरा बढ़ाया जाए। इंडस्ट्री दिग्गजों की मांग है कि होम लोन ब्याज पर भी टैक्स छूट बढ़ाई जाए। इतना ही नहीं जानकारों की राय है कि इस बजट में SWAMIH स्कीम का दायरा और बढ़ाया जाए।

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8:00AM

NBFCs के लिए लोगों की उम्मीदें

कोरोना संकट के बीच पेश होने वाले इस बजट में लोगों को काफी उम्मीदें हैं। लोगों की मांग है कि NBFCs को सुपरविजन और रेगुलेशन की जरूरत है। आज सरकार को हॉस्पिटैलिटी, टूरिज्म सेक्टर पर अपना फोकस और बढ़ाने की जरूरत है। हेल्थ और इंफ्रा पर खर्च बढ़ाने की जरूरत है।

7:40AM

हॉस्पिटल सेक्टर की ये है मांग

हॉस्पिटल सेक्टर की सरकार से उम्मीद है कि सरकार हेल्थकेयर पर खर्च बढ़ाए। आधुनिक हेल्थ इंफ्रा तैयार किया जाए। हेल्थ पर खर्च GDP के 1.2 फीसदी से बढ़ाकर 2.5 फीसदी किया जाए और Medical Tourism को और आकर्षक बनाया जाए। वहीं DIAGNOSTIC सेक्टर की भी सरकार से मांग है कि Preventive Testing के लिए टैक्स में छूट मिले। सभी राज्यों में एक तरह की प्राइसिंग की जाए और Lifestyle Diseases पर नियंत्रण किया जाए।

7:20 AM

बजट से फार्मा सेक्टर की क्या हैं उम्मीदें

फार्मा सेक्टर को इस बार के बजट से काफी उम्मीदें हैं। फार्मा सेक्टर की मांग है कि PLI स्कीम को और बढ़ावा दिया जाए। इनोवेशन के लिए टैक्स रियायत मिले। R&D को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाए और प्राइसिंग के लिए बेहतर नीति बनाई जाए।

7:00 AM
डोनेशन देने पर मिल सकती है टैक्स में छूट

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, नई टैक्स व्यवस्था में भी डोनेशन पर टैक्स छूट मिल सकती है। 80G के तहत डिडक्शन को बहाल करने का बजट में ऐलान संभव है। पीएम नेशनल रिलीफ फंड और पीएम केयर्स में 100 फीसदी टैक्स छूट मिल सकती है। वहीं, सामाजिक-धार्मिक चैरिटेबल संस्था में डोनेशन पर 50 फीसदी की छूट मुमकिन है।

6:35 AM
Disinvestment पर रहेगा फोकस

इस बार के बजट से लोगों को उम्मीद है कि सरकार विनिवेश (Disinvestment) पर फोकस करके इस जुटाए पैसे से सोशल और फिजिकल इंफ्रा को पुश देने की रणनीति पर काम करेगी।

किसको क्या मिलेगा?

कोरोनावायरस संक्रमण के बाद आज अपना पहला बजट पेश कर रही हैं। Covid-19 संक्रमण और उसके बाद लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था पर तगड़ी मार पड़ी है। ऐसे में आम आदमी के साथ-साथ हर सेक्टर यह उम्मीद कर रहा है कि फाइनेंस मिनिस्टर के पिटारे से आज कुछ खास निकले। 29 जनवरी से संसद का बजट सत्र शुरू हुआ था और उसी दिन आर्थिक सर्वे 2020-21 भी पेश किया गया था। आर्थिक सर्वे पेश करते हुए चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर केवी सुब्रह्मण्यम ने कहा कि इस बार का बजट कोरोना वॉरियर्स के नाम है। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोनावायरस संक्रमण के बाद अर्थव्यवस्था में अब V-शेप में सुधार देखा जा रहा है। V शेप में सुधार का मतलब है कि अर्थव्यवस्था में जितनी तेजी से गिरावट आई उतनी ही तेजी से उसमें सुधार नजर आया।

 

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