Vistara last flight : एयर इंडिया (Air India) और विस्तारा के मर्जर के बाद नई इकाई को एयर इंडिया के नाम से जाना जाएगा। इसे देश के बाहर ज्यादा मान्यता हासिल होगी। एयरलाइन के सीईओ कैम्पबेल विल्सन (Campbell Wilson) ने सोमवार, 27 फरवरी को ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया के साथ विस्तारा को मिलाने की प्रक्रिया जारी है और इसके लिए फिलहाल कॉम्पीटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की मंजूरी का इंतजार है। विल्सन ने कहा कि भले ही फुल सर्विस कैरियर को एयर इंडिया के नाम से जाना जाएगा, लेकिन “विस्तारा की कुछ विरासत” को बनाए रखने की कोशिश की जाएगी।
बनेगी एक फुल सर्विस कैरियर
विल्सन ने कहा, “ग्रुप में एक फुल सर्विस कैरियर और एक लो कॉस्ट एयरलाइन बनाने का इरादा है। एयर इंडिया और विस्तारा को मिलाने से एक फुल सर्विस एयरलाइन सामने आएगी।”
कैम्पबेल ने यह भी कहा कि उनकी एयर इंडिया और विस्तारा दोनों की विरासत को आगे बढ़ाने की इच्छा है और इस पर काम चल रहा है।
विस्तारा की भारत में एक मजबूत पहचान
विल्सन ने कहा, “भारतीय बाजार में विस्तारा की एक मजबूत पहचान है, लेकिन अगर आप भारतीय बाजार के बाहर देखते हैं तो एयर इंडिया की ज्यादा पहचान है और उसका 90 साल पुराना इतिहास है। भविष्य में इस फुल सर्विस कैरियर को एयर इंडिया कहा जाएगा, लेकिन हम नई इकाई में विस्तारा की कुछ विरासत बनाए रखा जाएगा।” मीडिया को संबोधित करते हुए विल्सन ने कहा कि एयर इंडिया के हाल में एयरबस (Airbus) और बोइंग (Boeing Co) को दिए गए 470 एयरक्राफ्ट के ऑर्डर की कीमत 70 अरब डॉलर होगी।
470 प्लेन खरीदने की तैयारी में कंपनी
उन्होंने कहा कि Air India विभिन्न स्रोतों के संयोजन से एयरक्राफ्ट खरीदने के लिए फंडिंग होगी। विल्सन ने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई टाइमलाइन नहीं है, जिस दौरान कंपनी ज्यादा प्लेन खरीदने के लिए किसी विकल्प का इस्तेमाल करेगी।
Air India के पास अपने 470 प्लेन के ऑर्डर के तहत एयरबस और बोइंग जैसी कंपनियों से 370 प्लेन खरीदने का ऑप्शन है।