टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी भारती एयरेटल (Bharti Airtel) की प्रमोटर कंपनी भारती टेलीकॉम की योजना एनसीडी के जरिए 6 हजार करोड़ रुपये जुटाने की है। एनसीडी (नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर्स) के जरिए जुटाए गए कर्ज का इस्तेमाल भारती टेलीकॉम (Bharti Telecom- BTL) एयरटेल में सिंगटेल की हिस्सेदारी को खरीदने में इस्तेमाल करेगी।
सिंगापुर टेलीकम्यूनिकेशंस (Singtel) भारती एयरटेल में 3.3 फीसदी हिस्सेदारी घटा रही है जिसमें से 1.75 फीसदी वह बेच चुकी है। इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब शेष 1.57 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए ही भारती टेलीकॉम एनसीडी के जरिए पैसे जुटाना चाहती है।
पिछले हफ्ते सिंगटेल ने एयरटेल में 1.75 फीसदी हिस्सेदारी ब्लॉक डील्स के जरिए करीब 71 हजार करोड़ रुपये में बेच दिया था। इसमें 1.62 फीसदी हिस्सेदारी भारती टेलीकॉम ने 6604 करोड़ रुपये में खरीदा था और शेष 0.14 फीसदी हिस्सेदारी एयरटेल के पब्लिक शेयरहोल्डर्स ने खरीदा था। अब सिंगटेल की 1.57 फीसदी खरीदने के लिए ही भारती टेलीकॉम कर्ज के जरिए पैसे जुटाएगी।
रिपोर्ट के मुताबिक इस काम में बीएनबी पारिबास, एचएसबीसी, जापान की एमयूएफजी और स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक मदद कर रहे हैं। सिंगटेल की भारती टेलीकॉम में 50.56 फीसदी हिस्सेदारी है और मित्तल फैमिली के पास 49.44 फीसदी। भारती टेलीकॉम की देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल में 35.85 फीसदी हिस्सेदारी है।
शॉर्ट ड्यूरेशन की हो सकती एनसीडी
रिपोर्ट के मुताबिक रुपसे से जुड़ा यह एनसीडी मुख्य रूप से टॉप विदेशी पोर्टफोलियो इंवेस्टर्स (FPIs) सब्सक्राइब कर सकते हैं। इस एनसीडी की मेच्योरिटी एक से तीन साल तक की हो सकती है। एनालिस्ट्स के मुताबिक सिंगटेल की हिस्सेदारी खरीदने के लिए भारती ग्रुप को कर्ज जुटाना है क्योंकि सिंगटेल ने भारती टेलीकॉम में नए इक्विटी निवेश से इनकार कर दिया था।