दिग्गज अमेरिकी एमएनसी निवेश बैंक Goldman Sachs में छंटनी होने वाली है। इससे पहले भी इसने छंटनी किया है लेकिन कोरोना महामारी के बाद यह नौकरियों पर सबसे बड़ी कटौती होगी। इसका खुलासा कई रिपोर्टों में हुआ है और अगले हफ्ते में इसकी शुरुआत हो सकती है। कंपनी हर साल कुछ कर्मियों को बाहर करती है लेकिन पिछले दो साल से इस पर रोक लगी हुई थी।
ब्लूमबर्ग के मुताबिक कंपनी ने छंटनी की जो योजना बनाई है, उसके तहत इस महीने कुछ सौ लोगों को बाहर निकाला जा सकता है। कंपनी हर साल स्ट्रैटजिक रिसोर्स एसेसमेंट (SRA) के तहत 1-5 फीसदी कर्मियों की छंटनी करती है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि इस बार इस रेंज के निचले स्तर पर कर्मियों को बाहर किया जाएगा लेकिन फिर भी सैकड़ों कर्मी अपनी नौकरी खो देंगे।
इतने लोगों की जा सकती है नौकरी
गोल्डमैन में जून 2022 के आखिरी तक उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक इसमें करीब 47 हजार बैंकर्स काम करते हैं। यह एक साल पहले की तुलना में करीब 15 फीसदी अधिक है। रॉयटर्स के मुताबिक अब अगर एसआरए के तहत अगर कम से कम 1 फीसदी की भी छंटनी होती है तो करीब 500 बैंकर्स की नौकरी जा सकती है।
साल के आखिरी में कर्मियों का ट्रैक रिकॉर्ड होगा चेक
वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और अधिकतर बैंकों में सौदों में सुस्ती के चलते जून तिमाही में इसका मुनाफा 48 फीसदी गिरा था। इसका रेवेन्यू सालाना आधार पर 41 फीसदी गिर गया। आर्थिक आउटलुक बिगड़ने के चलते गोल्डमैन ने जुलाई में हायरिंग सुस्त करने और खर्चे घटाने की चेतावनी दी थी।
ब्लूमबर्ग के एनालिस्ट्स के मुताबिक गोल्डमैन की कमाई इस साल 40 फीसदी से अधिक घट सकती है। बैंक इस साल 2022 के आखिरी में कर्मियों के सालाना परफॉरमेंस पर भी गौर करेगा। गोल्डमैन के मुख्य वित्तीय अधिकारी डेनिस कोलमैन ने जुलाई में एनालिस्ट्स को यह जानकारी दी थी। यह प्रक्रिया पिछले दो साल से बंद पड़ी थी।