OYO-Snapdeal समेत छह कंपनियां एक साल से कर रही हैं इंतजार, SEBI की मंजूरी के बाद आएगा IPO

SEBI के पास छह कंपनियों ने आईपीओ के लिए आवेदन किया हुआ है और करीब एक साल से वे इसकी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं

अपडेटेड Sep 13, 2022 पर 1:29 PM
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प्राइम डेटाबेस के मुताबिक 46 कंपनियों के 67 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ को अभी सेबी की मंजूरी मिलनी बाकी है।

बाजार नियामक सेबी (SEBI) के पास छह कंपनियों ने आईपीओ के लिए आवेदन किया हुआ है और करीब एक साल से वे इसकी मंजूरी का इंतजार कर रही हैं। जानकारी के मुताबिक लावा इंटरनेशनल (Lava International), बीवीजी इंडिया (BVG India) और ओयो (Oyo) की पैरेंट कंपनी Oravel Stays ने करीब एक साल पहले आईपीओ के लिए आवेदन किया था।

ड्रूम टेक्नोलॉजी (Droom Technology) ने करीब 11 महीने पहले आवेदन किया था जबकि स्नैपडील (Snapdeal) और Protean eGov Technologies ने करीब 10 महीने पहले आईपीओ के लिए ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस सेबी के पास फाइल किया था।

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दो से तीन महीने में सेबी का आ जाता है फैसला

आमतौर पर सेबी दो से तीन महीने में कंपनियों की तरफ से दाखिल ड्राफ्ट पेपर्स पर अपना फैसला दे देती है। लावा इंटरनेशनल के मामले में सेबी ने अपनी वीकली न्यूजलेटर में कहा कि इनके आवेदनों पर अन्य नियामकों और एजेंसियों से विचार मंगाए गए हैं। वहीं अन्य कंपनियों के मामले में लीड मैनेजरों से अतिरिक्त स्पष्टीकरण मांगा गया है। हालांकि सेबी की वेबसाइट पर इसकी जानकाारी नहीं है कि कौन सी अतिरिक्त जानकारियां मंगाई गई हैं और न ही लीड मैनेजरों के बारे में जानकारी सामने आई है।

67 हजार करोड़ के आईपीओ मंजूरी के इंतजार में

प्राइम डेटाबेस के मुताबिक 46 कंपनियों के 67 हजार करोड़ रुपये के आईपीओ को अभी सेबी की मंजूरी मिलनी बाकी है। वहीं 67 कंपनियों के 1 लाख करोड़ रुपये के आईपीओ को मंजूरी मिल चुकी हैं लेकिन वे सही समय का इंतजार कर रही हैं। पिछले साल 63 कंपनियों ने 1.2 लाख करोड़ रुपये के आईपीओ लॉन्च की थी।

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छह कंपनियों के बारे में डिटेल्स

  • जापान के सॉफ्टबैंक के निवेश वाली होटल एग्रीगेटर ओयो की पैरेंट Oravel Stays ने अक्टूबर 2021 में आईपीओ के लिए आवेदन किया था जिसके तहत 7 हजार करोड़ रुपये के नए शेयर और 1430 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के तहत बिक्री करने की योजना है। ओयो के प्रवक्ता के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत सुधरने के बाद ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस में बदलाव के चलते सेबी से मंजूरी मिलने में देरी हो रही है।
  • ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील ने दिसंबर 2021 में आवेदन किया था और इसके तहत 1250 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाने की योजना है। वहीं ओएफएस के तहत भी शेयरों की बिक्री हो सकती है।
  • ऑटोमोबाइल सेक्टर की ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ड्रूम टेक्नोलॉजी ने पिछले साल नवंबर में आवेदन किया था। इसके तहत 2 हजार करोड़ रुपये के नए शेयर और एक हजार करोड़ रुपये के शेयर ओएफएस के तहत जारी किए जाने की योजना है।

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  • स्मार्टफोन बनाने वाली लावा इंटरनेशनल ने सितंबर 2021 में आईपीओ के लिए आवेदन किया था। आईपीओ के तहत 500 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी करने और 4.37 करोड़ शेयर ओएफएस के तहत बेचने की योजना है।
  • मैनेजमेंट सर्विसेज मुहैया कराने वाली बीवीजी इंडिया ने अक्टूबर 2021 में आईपीओ के लिए आवेदन किया था और इसके तहत 200 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी हो सकते हैं। इसके अलावा कंपनी के मौजूदा शेयरधारक ओएफएस विंडो के तहत 72 लाख शेयरों की बिक्री कर सकते हैं।
  • पैन कार्ड जारी करने वाली और सरकारी प्रोजेक्ट में सरकारी एजेंसियों की मदद करने वाली Protean eGov Technologies ने दिसंबर 2021 में आईपीओ के लिए आवेदन किया था। इसके तहत मौजूदा शेयरधारक 1.208 करोड़ शेयरों की ओएफएस विंडो के तहत बिक्री कर सकते हैं।

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