Videocon Loan Fraud Case: निजी सेक्टर के दिग्गज बैंक ICICI Bank की पूर्व सीईओ-एमडी चंदा कोचर (Chanda Kochhar) और उनके पति दीपक कोचर को बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने दोनों को वीडियोकॉन से जुड़े लोन धोखाधड़ी के मामले में जमानत की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने यह आदेश उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया है। कोर्ट ने भी पाया कि उनकी गिरफ्तारी कानून के मुताबिक नहीं थी। हालांकि कोर्ट ने कोचर दंपति को अपने पासपोर्ट केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई के पास सरेंडर करने को कहा है। फिलहाल चंदा कोचर को बाईकूला डिस्ट्रिक्ट जेल के महिलाओं के सेल में और दीपक कोचर को आर्थर रोड जेल में रखा गया है।
इस प्रावधान के तहत एफआईआर दर्ज
सीबीआई ने नुपॉवर रिन्यूएबल्स, सुप्रीम एनर्जी, वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज समेत चंदा कोचर, उनके पति दीपक कोचर और वीडियोकॉन ग्रुप के वेणूगोपाल धूत पर मामला दर्ज किया था। यह मामला क्रिमिनल कांस्पिरेसी और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के प्रावधानों से जुड़े आईपीसी सेक्शन के तहत दर्ज किया गया था।
सीबीआई ने जनवरी 2019 में जो चार्जशीट फाइल किया था, उसके मुताबिक कोचर के नेतृत्व में आईसीआईसीआई बैंक ने नियमों के खिलाफ जाकर वीडियोकॉन को लोन बांटा था। यह कर्ज बाद में बैंक के लिए एनपीए बन गया और आरोपियों को गलत तरीके से फायदा मिला। चंदा कोचर ने बैंक की कमान मई 2009 में संभाली और वीडियोकॉन ग्रुप की छह कंपनियों को जून 2009 से अक्टूबर 2011 के बीच छह बड़े लोन दिए गए। सीबीआई के मुताबिक वीडियोकॉन ग्रुप को 3250 करोड़ रुपये का लोन मिलने के कुछ महीने बाद इसके प्रमोटर ने दीपक कोचर की कंपनी में नुपॉवर में करोड़ों रुपये का निवेश किया था।