Budget 2023: अगले वित्त वर्ष 2023-24 में देश की नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ कमजोर रह सकती है। इसका असर टैक्स कलेक्शन पर दिखेगा और 2024 के आम चुनाव से पहले केंद्र सरकार पर खर्च घटाने का दबाव रहेगा। नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ में इंफ्लेशन भी शामिल होता है और अगले वित्त वर्ष के बजट के लिए टैक्स कलेक्शन का अनुमान लगाने में इसे बेंचमार्क के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। चालू वित्त वर्ष में इसके 15.4 फीसदी पर रहने का अनुमान है। वहीं अगले वित्त वर्ष की बात करें तो कम से कम चार दिग्गज इकोनॉमिस्ट्स का अनुमान है कि महंगाई सुस्त होने और रीयल जीडीपी ग्रोथ फीकी होने के चलते यह 8-11 फीसदी के बीच रह सकता है। चालू वित्त वर्ष 2022-23 में 7 फीसदी की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है।
