Get App

Union Budget 2023: कम सैलरी वाले लोगों को इनकम टैक्स में राहत देंगी निर्मला सीतारमण, Marico के सौगत गुप्ता ने जताई उम्मीद

Union budget 2023: मैरिको के सीईओ सौगत गुप्ता ने कहा कि सब्सिडी के जरिए लोगों के हाथ में पैसे देना एक अस्थायी उपाय है। सरकार को लोगों के हाथ तक पैसे पहुंचाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च बढ़ाना होगा। साथ ही रूरल इलाकों में डिमांड बढ़ाने के भी उपाय करने होंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 25, 2023 पर 9:17 AM
Union Budget 2023: कम सैलरी वाले लोगों को इनकम टैक्स में राहत देंगी निर्मला सीतारमण, Marico के सौगत गुप्ता ने जताई उम्मीद
नवंबर 2022 में रिटेल इनफ्लेशन घटकर 5.9 फीसदी पर आ गया। यह 11 महीने में सबसे कम है। ऐसा लगता है कि महंगाई का सबसे खराब दौर बीत चुका है।

Budget 2023: महंगाई के सबसे खराब दौर को हम पीछे छोड़ चुके हैं। लेकिन, FMCG प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ाने के लिए लोगों के हाथ में ज्यादा पैसे का इंतजाम करना जरूरी है। मैरिको लिमिटेड के सीईओ और एमडी सौगत गुप्ता ने ये बातें कही हैं। मनीकंट्रोल से बातचीत में गुप्ता ने यूनियन बजट 2023 (Union Budget 2023) और इंडस्ट्री के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण इलाकों में कमजोर मांग को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इसकी वजह ज्यादा महंगाई (Inflation) और यूक्रेन पर रूस का हमला है। जब कभी इनफ्लेशन ज्यादा रहता है कंज्यूमर्स एफएमसीजी प्रोडक्ट्स पर खर्च घटा देते हैं। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) 1 फरवरी को यूनियन बजट 2023 पेश करेंगी।

गुप्ता ने कहा कि डाउनग्रेडिंग एक तरह का कंज्यूमर विहेबियर है। ऐसा होने पर कंज्यूमर एफएमसीजी प्रोडक्ट्स पर अपना खर्च घटा देते हैं या सस्ते रीजनल अल्टरनेटिव्स का इस्तेमाल करते हैं। 2022 में एफएमसीजी कंपनियों की वॉल्यूम ग्रोथ सिंगल डिजिट में रहने की यह बड़ी वजह है। हालांकि, नवंबर 2022 में रिटेल इनफ्लेशन घटकर 5.9 फीसदी पर आ गया। यह 11 महीने में सबसे कम है। ऐसा लगता है कि महंगाई का सबसे खराब दौर बीत चुका है। इस मामले में इंडिया का प्रदर्शन दुनिया के बड़े देशों के मुकाबले बहुत अच्छा रहा है। लेकिन, घरेलू खपत बढ़ाने के लिए सरकार की मदद की जरूरत है।

बजट 2023 आने में बाकी हैं सिर्फ कुछ दिन, इसकी खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

उन्होंने कहा, "सरकार को कम सैलरी और मिडिल क्लास लोगों के लिए इनकम टैक्स स्लैब में बदलाव करने की जरूरत है। इससे लोगों के हाथ में ज्यादा पैसे बचेंगे।" कुछ इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का भी मानना है कि यूनियन बजट 2023 में सरकार इनकम टैक्स से छूट के लिए आय की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये करने का ऐलान कर सकती है। अभी एक फाइनेंशियल ईयर में 2.5 लाख रुपये की इनकम को इनकम टैक्स से छूट हासिल है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण स्टैंडर्ड डिडक्शन को भी 50,000 रुपये से बढ़ाकर करीब 80,000 रुपये कर सकती हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें