Budget 2023: शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांक Sensex और Nifty ने ऊंचाई के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। हालांकि, दुनिया के दूसरे शेयर बाजार दबाव में हैं। जियोपॉलिटकल घटनाओं (Geopolitical Events) के साथ ही केंद्रीय बैंकों के लगातार इंटरेस्ट रेट बढ़ाने से स्टॉक मार्केट में सेंटिमेंट कमजोर है। इधर, इंडिया में सेंटिमेंट मजबूत होने से कुछ खास सेक्टर में अच्छी तेजी दिख रही है। इनमें फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस, रियल एस्टेट, मेटल और ऑयल एंड गैस सेक्टर शामिल हैं। इस तेजी में कुछ ही कंपनियों के शेयरों की ज्यादा हिस्सेदारी है। पिछले दो महीनों में Sensex और Nifty में करीब 9-9 फीसदी की तेजी आई है। इस अवधि में BSE Metal Index का प्रदर्शन सबसे अच्छा रहा है। यह 15 फीसदी चढ़ा है। इसके बाद Oil & Gas और Realty Index में 10 से 15 फीसदी की तेजी आई है।
सरकार के कदमों का पॉजिटिव असर
इस बार की बाजार की तेजी में कई बातों का असर रहा है। लेकिन, सबसे बड़ा कारण सितंबर तिमाही में कंपनियों का अच्छा प्रदर्शन है। अच्छी प्रॉफिट ग्रोथ वाली कंपनियों के शेयरों में तेजी देखने को मिली है। इंडियन कंपनियों का प्रदर्शन इस फाइनेंशियल ईयर में अच्छा रहने का अनुमान है। हालांकि, वैश्विक स्थितियां चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं। इंडिया के अच्छे प्रदर्शन की एक बड़ी वजह सरकार की तरफ से उठाए गए कदम हैं। इनमें, PLI, Credit Guarantee Scheme के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा इनवेस्टमेंट शामिल हैं। प्राइवेट सेक्टर में भी कैपिचल एक्सपेंडिचर बढ़ रहा है। यह इंडिया के लिए बहुत अच्छा है। खासकर तब जब दुनिया के कई देश इस साल या अगले साल मंदी में जाते दिख रहे हैं।
मोदी सरकार का 11वां बजट मार्केट को देगा ताकत
केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार साल 2014 में सत्ता में आई थी। यह उसका 11वां बजट होगा। फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2023 को यूनियन बजट पेश करेंगी। अब तक के अनुभव को देखें तो शेयर बाजारों पर बजट का बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ता है। हालांकि, पिछले दो बजट को देखें तो ये शेयर बाजार के लिए काफी पॉजिटिव रहे हैं। इसकी वजह यह है कि सरकार के उपायों से कोरोना की मार से बदहाल अर्थव्यवस्था को सहारा मिला है।
पिछले 10 साल में बजट के दिन सेंसेक्स और निफ्टी पांच बार गिरे हैं। बाकी समय वे चढ़कर बंद हुए हैं। इस ग्राफ में बजट के दिन, एक हफ्ते पहले, एक महीना पहले और तीन महीने पहले के मार्केट रिटर्न को दिखाया गया है। इसी तरह बजट के एक हफ्ते बाद, एक महीने बाद और तीन महीने बाद के मार्केट प्रदर्श को भी दिखाया गया है।
बजट में होने वाले ऐलान पर होंगी नजरें
1 फरवरी, 2023 को पेश होने वाल बजट साल 2024 में लोकसभा चुनावों से पहले आखिरी पूर्ण बजट होगा। एनालिस्ट्स का मानना है कि चुनावों को देखते हुए सरकार सोशल सेक्टर पर खर्च बढ़ा सकती है। इंफ्रास्ट्र्क्चर पर भी खर्च जारी रहेगा। हालांकि, इसमें थोड़ी कमी आ सकती है। इंडस्ट्री लॉबीज टैक्स में छूट के लिए सरकार पर दबाव बना रही हैं। उनका मानना है कि इससे इनवेस्टमेंट को बढ़ावा मिलेगा। सरकार लॉन्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स के नियमों में भी बदलाव कर सकती है। इससे पहले टैक्स के नियमों में बदलाव का मार्केट पर बड़ा असर दिखा था। ऐसे में अगले बजट से यह तय होगा कि मार्केट का अच्छा समय जारी रहेगा या नहीं।