Budget 2024-25: जानिए पीएम नरेंद्र मोदी के 10 साल के कार्यकाल में सेक्शन 80सी, स्टैंडर्ड डिडक्शन सहित टैक्सपेयर्स को मिले हैं क्या-क्या फायदें

Union Budget 2024-25: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के बाद से टैक्सपेयर्स की दुनिया काफी बदल गई है। बेसिक एग्जेम्प्श लिमिट बढ़ाने, स्टैंडर्ड डिडक्शन की शुरुआत सहित सरकार ने कई अहम बदलाव किए हैं

अपडेटेड Jul 22, 2024 पर 10:33 AM
Story continues below Advertisement
India Budget 2024: यूनियन बजट 2023 इनकम टैक्स के लिहाज से काफी अहम था। इसमें इनकम टैक्स के स्लैब की संख्या कम कर दी गई। नई टैक्स रीजीम में एग्जेम्पशन लिमिट 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई।

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को यूनियन बजट पेश करेंगी। यह फाइनेंशियल ईयर 2024-25 का फुल बजट होगा। इस साल 1 फरवरी को इस फाइनेंशियल ईयर का अंतरिम बजट आया था। यह बजट ऐसे वक्त पेश होने जा रहा है, जब तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार केंद्र में बनी है। हालांकि, इस बार केंद्र में एनडीए की सरकार बनी है। इस बार लोकसभा चुनावों में बीजेपी को अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिली थीं। आइए जानते हैं नरेंद्र मोदी के 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से अब तक इनकम टैक्स के नियमों में क्या-क्या बदलाव आए हैं।

सेक्शन 80सी की लिमिट बढ़ाई गई

साल 2014 में लोकसभा चुनावों के बाद केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की सरकार बनी थी। तब वित्तमंत्री अरुण जेटली ने फाइनेंशियल ईयर 2014-15 का फुल बजट (Union Budget) पेश किया था। यह बजट इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिहाह से बहुत अहम था। जेटली ने इनकम टैक्स की एग्जेम्प्शन लिमिट 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दी खी। सीनियर सिटीजंस के लिए लिमिट 3 लाख रुपये कर दी गई थी। सेक्शन 80सी (Section 80C) के तहत डिडक्शन 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये कर दिया गया था। होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन 1.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दिया गया था।


हेल्थ पॉलिसी पर टैक्स-छूट बढ़ाई गई

2015 का यूनियन बजट भी टैक्सपेयर्स के लिए अहम था। इसे पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली ने पेश किया था। इसमें हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर डिडक्शन सालाना 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया था। सीनियर सिटीजंस के मामले में इसे 20,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये कर दिया गया था। ट्रांसपोर्ट अलाउन्स को 800 से बढ़ाकर 1600 रुपये प्रति माह कर दिया गया था। सेक्शन 80CCD के तहत NPS में निवेश पर अतिरिक्त 50,000 रुपये डिडक्शन का लाभ दिया गया। सरकार ने वेल्थ टैक्स को खत्म करने का फैसला लिया।

एक करोड़ से ज्यादा इनकम पर 12 फीसदी सरचार्ज

यूनियन बजट 2016 में सालाना 5 लाख रुपये तक की इनकम वाले टैक्सपेयर्स के लिए सेक्शन 87ए के तहत रिबेट 2000 रुपये से बढ़ाकर 5000 रुपये कर दिया गया। एक करोड़ से ज्यादा इनकम पर सरचार्ज 12 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया गया। सालाना 10,000,00 रुपये के डिविडेंड पर 10 फीसदी टैक्स लगाने का ऐलान किया गया। 2017 के यूनियन बजट में 2.5 लाख से 5 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स 5 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दिया गया। सालाना 10 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की इनकम पर 10 फीसदी सरचार्ज लगाया गया।

स्टैंडर्ड डिडक्शन शुरू करने का ऐलान

यूनियन बजट 2018 में इनकम टैक्स के लिहाज से सबसे बड़ा ऐलान स्टैंडर्ड डिडक्शन को लेकर था। सरकार ने नौकरी करने वाले लोगों को सालाना 40,000 रुपये स्टैंडर्ड डिडक्शन देने का ऐलान किया। हालांकि, सरकार ने ट्रांसपोर्ट अलाउन्स और मेडिकल एक्सपेंसेज के रीइंबर्समेंट को वापस ले लिया। यूनियन बजट 2019 एक अंतरिम बजट था। इसकी वजह यह है कि उस साल लोकसभा चुनाव होने वाले थे। तब केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरिम बजट पेश किया था। उन्होंने सालाना 5 लाख रुपये इनकम वाले लोगों का टैक्स जीरो कर दिया था। स्टैंडर्ड डिडक्शन को बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया था।

इनकम टैक्स की नई रीजीम की शुरुआत

यूनियन बजट 2020 में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स की नई रीजीम का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि यह ऑप्शनल होगा। इसका मतलब यह था कि पुरानी टैक्स रीजीम भी जारी रहेगी। नई टैक्स रीजीम का इस्तेमाल करने वाले लोगों को डिडक्शन और एग्जेम्प्शन का फायदा नहीं देने का ऐलान किया गया था। टैक्स रेट में भी बदलाव किए गए थे। म्यूचुअल फंड्स और कंपनियों से मिले डिविडेंट पर टैक्स चुकाने की जिम्मेदारी इनवेस्टर्स पर डाल दी गई थी।

यह भी पढ़ें: Economic survey 2024-25 Live Updates

नई रीजीम में भी स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ

यूनियन बजट 2021 में प्री-फिल्ड इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म की शुरुआत हुई थी। यूनियन बजट 2022 में इनकम टैक्स के स्लैब में बदलाव नहीं किया गया। सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न में गलती ठीक करने का एक मौका टैक्सपेयर्स को देने का ऐलान किया। वर्चुअल/डिजिटल एसेट्स से हुई कमाई पर 30 फीसदी टैक्स लगाने का ऐलान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कियाथा। यूनियन बजट 2023 इनकम टैक्स के लिहाज से काफी अहम था। इसमें इनकम टैक्स के स्लैब की संख्या कम कर दी गई। नई टैक्स रीजीम में एग्जेम्पशन लिमिट 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई। नई टैक्स रीजीम में भी स्टैंडर्ड डिडक्शन की शुरुआत की गई थी। इस साल 1 फरवरी को पेश अंतरिम बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स के नियम में किसी बड़े बदलाव का ऐलान नहीं किया था।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।