Get App

भारत पर अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ अब 50% के बजाय 18%, पीयूष गोयल बोले- चीन, वियतनाम जैसे कॉम्पिटीटर्स से बेहतर

India-US Trade Deal: पीयूष गोयल ने इस अंतरिम समझौते को निष्पक्ष, न्यायसंगत और संतुलित बताया है। गोयल ने अमेरिका के साथ व्यापार संबंध बढ़ाने के भारत के लंबे समय के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने इस आलोचना को खारिज कर दिया कि यह समझौता भारतीय कृषि को नुकसान पहुंचा सकता है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Feb 07, 2026 पर 4:35 PM
भारत पर अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ अब 50% के बजाय 18%, पीयूष गोयल बोले- चीन, वियतनाम जैसे कॉम्पिटीटर्स से बेहतर
गोयल ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि समझौते के तहत भारतीय किसानों के हित पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौता अमेरिका के साथ भारत की लंबी अवधि की व्यापार महत्वाकांक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह बात केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इस समझौते को लेकर हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही। अमेरिका के साथ इस समझौते की घोषणा इस हफ्ते की शुरुआत में हुई थी। भारत और अमेरिका ने शनिवार को एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी किया, जिसमें अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क की रूपरेखा बताई गई है। टैरिफ में कमी, सेक्टोरल छूट और एक्सपोर्ट के अवसरों पर स्पष्टता दी गई है।

गोयल ने कहा कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत फरवरी 2025 में शुरू हुई थी। दोनों देशों के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का एक मुख्य पॉइंट रेसिप्रोकल टैरिफ में भारी कमी है। गोयल ने कहा कि भारत पर अब अमेरिका की ओर से लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो जाएंगे। यह हमारे सीधे प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर दर है। अमेरिका की ओर से चीन पर अभी लगभग 35 प्रतिशत, वियतनाम और बांग्लादेश पर लगभग 20 प्रतिशत, और इंडोनेशिया पर लगभग 19 प्रतिशत टैरिफ है।

अमेरिका ने रूस से तेल की खरीद को लेकर सजा के तौर पर भारतीय सामानों के इंपोर्ट पर अगस्त 2025 में 25 प्रतिशत का एक्स्ट्रा टैरिफ लगाया था। इसके बाद भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर टैरिफ की दर 25 प्रतिशत के रेसिप्रोकल टैरिफ को मिलाकर 50 प्रतिशत हो गई।

कई सामानों पर रहेगी जीरो ड्यूटी

सब समाचार

+ और भी पढ़ें