भारत के रिटेल मार्केट के 2034 तक बढ़कर 190 लाख करोड़ रुपये पर पहुंचने का अनुमान है। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) और रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (आरएआई) द्वारा मिलकर तैयार की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इसका सबसे अधिक फायदा उन खुदरा विक्रेताओं यानि रिटेलर्स को होगा, जिनके पास देश के डायवर्स डेमोग्राफिक्स और अलग-अलग तरह के उपभोक्ता व्यवहारों को अपनाने की क्षमता है।
