Jet Airways में जालान-कालरॉक ने डाले 100 करोड़, अब आगे का ये है प्लान

वित्तीय संकट से जूझ रही विमान कंपनी जेट एयरवेज (Jet Airways) के लिए सफल बोली लगाने वाला जालान कालरॉक कंसोर्टियम (Jalan Kalrock Consortium) ने इसमें 100 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। कंसोर्टियम ने 31 अगस्त को एक प्रेस रिलीज के जरिए इसकी जानकारी दी। जेट एयरवेज में ये पैसे कंसोर्टियम ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के निर्देशों के तहत ही डाले हैं

अपडेटेड Sep 01, 2023 पर 10:05 AM
Story continues below Advertisement
करीब चार साल पहले अप्रैल 2019 में जेट एयरवेज 8 हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम कर्ज और घाटे के चलते बंद हो गई थी। अक्टूबर 2020 में इसकी सीओसी ने जालान-कालरॉक कंसोर्टियम के रिवाइवल प्लान को मंजूरी दे दी थी।

वित्तीय संकट से जूझ रही विमान कंपनी जेट एयरवेज (Jet Airways) के लिए सफल बोली लगाने वाला जालान कालरॉक कंसोर्टियम (Jalan Kalrock Consortium) ने इसमें 100 करोड़ रुपये जमा कर दिए हैं। कंसोर्टियम ने 31 अगस्त को एक प्रेस रिलीज के जरिए इसकी जानकारी दी। जेट एयरवेज में ये पैसे कंसोर्टियम ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के निर्देशों के तहत ही डाले हैं। एनसीएलएटी ने विमानन कंपनी को पटरी पर लाने के लिए रणनीति लागू करने की मंजूरी दे दी है। 100 करोड़ रुपये के ताजा निवेश के बाद अब जेट एयरवेज में कंसोर्टियम का निवेश 250 करोड़ रुपये का हो चुका है। अब इसकी योजना 30 सितंबर तक 100 करोड़ रुपये और डालने की है ताकि विमानन कंपनी का कंट्रोल लिया जा सके।

NCLAT ने बढ़ा दिया था समय

एनसीएलएटी ने 28 अगस्त को जेट एयरवेज के भारी-भरकम कर्ज को चुकाने के लिए जो समय पहले तय था, उसे बढ़ाने की मंजूरी दी थी। जालाना कालरॉक को जेट एयरवेज के लेंडर्स को 350 करोड़ रुपये चुकाने हैं। 21 अगस्त को कंसोर्टियम ने कोर्ट को जानकारी दी थी वह 31 अगस्त तक 100 करोड़ रुपये और फिर 100 करोड़ रुपये 30 सितंबर तक जमा करना चाहता है।


Cipla के शेयर खरीदेगी Torrent Pharma? प्रमोटर्स से हुई डील तो इतनी बड़ी होगी उपलब्धि

बाकी पैसों के लिए इसने लेनदारों की समिति (CoC) से 150 रुपये की परफॉरमेंस बैंक गारंटी (PBG) भुनाने का आग्रह किया। हालांकि सीओसी का कहना है कि यह गारंटी एक बैकअप है और इस स्तर पर इसका उपयोग नहीं किया जा सकता है। अब इस मामले पर आगे की सुनवाई 4 अक्टूबर को होनी है। किसी कंपनी के दिवालिया होने पर लेनदारों की एक समिति बनाई जाती है। पैनल पर वोटिंग पर्सेटेंज वित्तीय संस्थान की तरफ से दिवालिया कंपनी को दिए गए कर्ज के समानुपाती होता है।

UBS में पूरी तरह से मिल जाएगा Credit Suisse, इतने एंप्लॉयीज की होगी छंटनी

Jet Airways पर भारी-भरकम कर्ज

करीब चार साल पहले अप्रैल 2019 में जेट एयरवेज 8 हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम कर्ज और घाटे के चलते बंद हो गई थी। अक्टूबर 2020 में इसकी सीओसी ने जालान-कालरॉक कंसोर्टियम के रिवाइवल प्लान को मंजूरी दे दी थी। इसके बाद 13 जनवरी 2023 को एनसीएलटी ने यूएई के आंत्रप्रेन्योर मुरारी लाल जालान और लंदन के कालरॉक कैपिटल को जेट एयरवेज ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।