Get App

Cognizant का नया धमाका, एंप्लॉयीज के लैपटॉप पर मैनेजर की नजर, ऐसे पहुंचेगा हर मिनट का हिसाब

Cognizant News: दिग्गज आईटी कंसल्टिंग और आउटसोर्सिंग कंपनी कॉग्निजैंट ने अपमे कुछ मैनेजर्स को ऐसे सॉफ्टवेयर की ट्रेनिंग देनी शुरू की है जो एंप्लॉयीज की पूरी शिफ्ट के एक-एक मिनट पर नजर रखेगा। जानिए निगरानी वाला यह टूल कैसे काम करेगा और एंप्लॉयीज किस बात से परेशान हैं? इसके अलावा जानिए कि इस मामले में कंपनी का क्या कहना है?

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Nov 18, 2025 पर 3:11 PM
Cognizant का नया धमाका, एंप्लॉयीज के लैपटॉप पर मैनेजर की नजर, ऐसे पहुंचेगा हर मिनट का हिसाब
Cognizant News: दिग्गज आईटी कंसल्टिंग और आउटसोर्सिंग कंपनी कॉग्निजैंट ने कुछ मैनेजर्स को प्रोहांस (ProHance) जैसे वर्कफोर्स-ट्रैकिंग टूल्स की ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है।

Cognizant News: दिग्गज आईटी कंसल्टिंग और आउटसोर्सिंग कंपनी कॉग्निजैंट ने कुछ मैनेजर्स को प्रोहांस (ProHance) जैसे वर्कफोर्स-ट्रैकिंग टूल्स की ट्रेनिंग देनी शुरू कर दी है। इस टूल का इस्तेमाल एंप्लॉयीज के लैपटॉप की एक्टिविटी को ट्रैक करने और कुछ क्लाइंट के प्रोजेक्ट्स पर एप्लीकेशन के इस्तेमाल को ट्रैक करने में होगा। मीडिया रिपोर्ट्स में इसका खुलासा ट्रेनिंग मैटेरियल के हवाले से हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कॉग्निजैंट इस टूल को फिलहाल चुनिंदा प्रोजेक्ट्स पर ही लागू कर रही है। कंपनी का कहना है कि इसके आंकड़ों का इस्तेमाल फिलहाल वर्कफोर्स को समझने और यूटिलाइजेशन को बढ़ाने में किया जाएगा, ना कि किसी एंप्लॉयी के परफॉरमेंस का मूल्याकंन करने के लिए।

कैसे काम करेगा निगरानी वाला यह टूल?

मॉड्यूल के मुताबिक यह सॉफ्टवेयर माउस और कीबोर्ड की एक्टिविटी को कैप्चर करता है और निष्क्रियता यानी इनएक्टिविटी के आधार पर यूजर्स को फ्लैग करता है। यदि किसी एंप्लॉयी ने 300 सेकंड यानी 5 मिनट तक कोई एक्टिविटी नहीं की तो उसे आइटल (Idle) मार्क किया जा सकता है, और यदि लैपटॉप ही 15 मिनट तक इनएक्टिव रहा तो तो “Away from System” यानी सिस्टम से दूर टैग किया जा सकता है। हालांकि अलग-अलग डिलीवरी टीमें अपने हिसाब से ये समय बदल सकती हैं कि कितने मिनट की इनएक्टिविटी पर आइडल मार्क करना है और कब 'सिस्टम से दूर' टैग करना है। प्रोहांस जैसे डैशबोर्ड आमतौर पर लॉगइन टाइम, ओपन एप्लीकेशन और किसी टास्क पर लगने वाले समय को दिखाता है, जिससे पूरी शिफ्ट के दौरान एक-एक मिनट का हिसाब मिल जाता है।

किस बात से हैं एंप्लॉयीज परेशान और कंपनी का क्या कहना है?

सब समाचार

+ और भी पढ़ें