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तेल की कीमतें बढ़ने से पेंट कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव, कच्चे माल की लागत में हो सकता है इजाफा

ज्यादातर ब्रोकरेज कंपनियां अप्रैल-जून तिमाही में इनपुट कॉस्ट में कमी के कारण पेंट कंपनियों के मार्जिन में रिकवरी की उम्मीद कर रही हैं। हालांकि, आने वाली तिमाहियों में अगर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रहती है तो इस रिकवरी में यू-टर्न देखने को मिल सकता है

Edited By: Shubham Singh Thakurअपडेटेड Jul 15, 2023 पर 2:50 PM
तेल की कीमतें बढ़ने से पेंट कंपनियों पर बढ़ेगा दबाव, कच्चे माल की लागत में हो सकता है इजाफा
तेल की कीमतें बढ़ने से पेंट कंपनियों के कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी होने की संभावना है।

तेल की कीमतें बढ़ने से पेंट कंपनियों के कच्चे माल की लागत में बढ़ोतरी होने की संभावना है। दरअसल, सप्लाई में कमी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा रेट हाइक में ब्रेक लगने की उम्मीदों के बीच तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। पिछले कुछ समय से कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। पिछले सत्र में ब्रेंट क्रूड ऑयल तीन महीने के उच्चतम स्तर 81.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। लीबिया और नाइजीरिया से जुड़े मामलों के कारण आपूर्ति में कमी की चिंताओं के चलते तेल की कीमतों में तेजी देखी गई।

जुलाई में 8 फीसदी बढ़ चुकी हैं तेल की कीमतें

उम्मीद की जा रही है कि यूएस फेड अपने रेट हाइक कैंपेन को खत्म कर सकता है। अमेरिकी डॉलर में गिरावट से भी इस सेंटीमेंट को मदद मिली है। इसके अलावा, ऑयल एक्सपोर्ट करने वाले दिग्गज देश सऊदी अरब और रूस ने हाल ही में अपने मौजूदा ऑयल प्रोडक्शन में कटौती करने का फैसला किया है, जो पिछले साल नवंबर से प्रभावी है। इन वजहों के चलते ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें जुलाई में अब तक 8 फीसदी बढ़ चुकी है।

क्रूड बेस्ड डेरेवेटिव पर निर्भर है पेंट का प्रोडक्शन

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