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प्रमित झावेरी छोड़ेंगे सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट, फिर से नहीं बनना चाहते ट्रस्टी

प्रमित झावेरी एक बैंकर और डायरेक्टर हैं। वह 12 फरवरी 2020 से सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट में ट्रस्टी थे। झावेरी सिटीबैंक इंडिया में अपनी लंबी सेवा के लिए जाने जाते हैं। अगले कुछ हफ्तों में टाटा ट्रस्ट्स की बोर्ड मीटिंग हो सकती है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Jan 31, 2026 पर 2:32 PM
प्रमित झावेरी छोड़ेंगे सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट, फिर से नहीं बनना चाहते ट्रस्टी
झावेरी ने कहा कि टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टी के तौर पर सेवा देना उनके लिए सम्मान की बात थी।

प्रमित झावेरी ने सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी के पद से हटने का फैसला किया है। CNBC-TV18 को सूत्रों से पता चला है कि झावेरी ने टाटा ट्रस्ट के चेयरमैन नोएल टाटा को एक लेटर लिखा है। बताया है कि जब 11 फरवरी, 2026 को उनका कार्यकाल खत्म होगा, तो वह नहीं चाहते कि उनके रीअपॉइंटमेंट पर विचार किया जाए। अपने लेटर में, झावेरी ने कहा कि टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टी के तौर पर सेवा देना उनके लिए सम्मान की बात थी।

उन्होंने टाटा ट्रस्ट्स और टाटा ग्रुप को शुभकामनाएं दी हैं। सूत्रों का यह भी कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में टाटा ट्रस्ट्स की बोर्ड मीटिंग हो सकती है। सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट, टाटा ग्रुप के मुख्य परोपकारी ट्रस्ट्स में से एक है। इस ट्रस्ट और सर रतन टाटा ट्रस्ट के पास ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस का 51 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा है।

फरवरी 2020 से थे सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट में ट्रस्टी

झावेरी एक बैंकर और डायरेक्टर हैं। उनके पास मुंबई यूनिवर्सिटी के सिडेनहम कॉलेज से बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री और यूनिवर्सिटी ऑफ रोचेस्टर के साइमन स्कूल ऑफ बिजनेस से MBA की डिग्री है। वह 12 फरवरी 2020 से सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट में ट्रस्टी थे। उस वक्त के चेयरमैन रतन टाटा ने उन्हें ट्रस्ट का बोर्ड जॉइन करने का आग्रह किया था।

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