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RBI ने इन 32 मौजूदा ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर्स को दी 'सैद्धांतिक' मंजूरी, जानें डिटेल

RBI ने बताया कि जिन पेमेंट एग्रीगेटर्स (PA) को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है, उनमें अमेजन (पे) इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, गूगल इंडिया डिजिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, इंफीबीम एवेन्यूज लिमिटेड, रिलायंस पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड और जोमैटो पेमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड आदि शामिल हैं

Moneycontrol Newsअपडेटेड Feb 15, 2023 पर 8:54 PM
RBI ने इन 32 मौजूदा ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर्स को दी 'सैद्धांतिक' मंजूरी, जानें डिटेल
RBI ने बताया कि अभी 18 और मौजूदा पेमेंट एग्रीगेटर्स, आवेदन की प्रक्रिया में है

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार 15 फरवरी को बताया कि उसने 32 मौजूदा पेमेंट एग्रीगेटर्स को ऑनलाइन पेमेंट एग्रीगेटर के रूप में काम करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। RBI ने बताया कि जिन पेमेंट एग्रीगेटर्स (PA) को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है, उनमें अमेजन (पे) इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, गूगल इंडिया डिजिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, इंफीबीम एवेन्यूज लिमिटेड, रिलायंस पेमेंट सॉल्यूशंस लिमिटेड और जोमैटो पेमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड आदि शामिल हैं। रिजर्व बैंक ने बताया कि इनके अलावा अभी 18 और मौजूदा पेमेंट एग्रीगेटर्स, आवेदन की प्रक्रिया में है।

RBI ने इससे पहले 17 मार्च 2020 और 31 मार्च 2021 को पेमेंट एग्रीगेटर्स और पेमेंट गेटवेज के रेगुलेशन के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे।

दिशानिर्देशों के मुताबिक, 17 मार्च 2020 तक मौजूद सभी ऑनलाइन नॉन-बैंक पेमेंट एग्रीगेटर्स (PA) को पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट 2007 के तहत मंजूरी हासिल करने के लिए आरबीआई के पास 30 सितंबर 2021 से पहले अपना आवेदन जमा करना जरूरी था। बाद में ऐसे सभी PA के लिए आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख को एक साल बढ़ाकर 30 सिंतबर 2022 कर दिया गया था।

RBI ने कहा था कि जब तक कोई संस्था पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम एक्ट की धारा-7 के तहत 'मंजूरी' नहीं हासिल कर लेती, तब उसे दी सैद्धांतिक मंजूरी को वैध नहीं माना जाएगा।

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