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निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2023 में स्टार्टअप्स को दिए बड़े तोहफे, टैक्स छूट की समयसीमा भी बढ़ी

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2023 में स्टार्टअप्स की एक बड़ी मांग पूरी कर दी है। उन्होंने टैक्स बेनेफिट की समयसीमा एक साल के लिए बढ़ा दी है। यह समयसीमा 1 अप्रैल, 2023 को खत्म हो रही थी। इसे बढ़ाकर 1 अप्रैल, 2024 कर दिया गया है

Abhishek Anejaअपडेटेड Feb 06, 2023 पर 1:18 PM
निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2023 में स्टार्टअप्स को दिए बड़े तोहफे, टैक्स छूट की समयसीमा भी बढ़ी
स्टार्टअप इकोसिस्टम (Start-up ecosystem) के लिहाज से इंडिया दुनिया में तीसरे पायदान पर है।

स्टार्टअप इकोसिस्टम (Start-up ecosystem) के लिहाज से इंडिया दुनिया में तीसरे पायदान पर है। जीडीपी में इसका योगदान करीब 5 फीसदी है। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने कई स्कीमें शुरू की हैं। स्टार्टअप्स को इनकम टैक्स में भी बेनिफिट्स मिलता है। इसके लिए कुछ शर्तें हैं। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्श 80-IAC के तहत ये बेनेफिट मिलते हैं। यूनियन बजट 2023 में स्टार्टअप्स के लिए कुछ अच्छे ऐलान किए गए हैं। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए कुछ टैक्स बेनेफिट्स की अवधि बढ़ाई गई है। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

लॉस सेट-ऑफ और कैरी-फॉरवर्ड करने में स्टार्टअप्स को राहत

पहला, शर्तें पूरी करने वाले स्टार्टअप्स के लिए लॉस सेट-ऑफ और कैरी-फॉरवर्ड करने के पीरियड को बढ़ा दिया गया है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 79 में प्राइवेट कंपनियों और अनलिस्टेड कंपनियों के लॉस सेट-ऑफ और कैरी फॉरवर्ड करने की शर्तों का उल्लेख है। इसमें कहा गया है कि कंपनी की शेयरहोल्डिंग में बड़ा बदलाव होने पर ही कैरी फॉरवर्ड करने की सुविधा उपलब्ध होगी। कैरी फॉरवर्ड किए गए लॉस को सेट-ऑफ करने के लिए कम से कम 51 फीसदी शेयरहोल्डिंग जारी रहने के नियम में रियायत दी गई है। अगर दूसरे सभी शेयरहोल्डर्स अपनी हिस्सेदारी बनाए रखते हैं तो लॉस को सेट-ऑफ करने की इजाजत होगी। अभी यह रियायत स्टार्टअप शुरू होने के 7 साल की अवधि के दौरान हुए लॉस पर मिलती है। यूनियन बजट 2023 में इस पीरियड को बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है।

दूसरे शब्दों में अब स्टार्टअप्स को ऑपरेशन शुरू करने (Incorporation) के 10 साल के दौरान लॉस सेट-ऑफ करने की इजाजत होगी। शर्त यह है कि लॉस वाले साल में शेयरहोल्डर्स की हिस्सेदारी स्टार्टअप में उस साल में भी बनी रहनी चाहिए जिस साल में लॉस सेट-ऑफ होना है।

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