अगर ईरान में लड़ाई जारी रहती है तो कच्चे तेल की कीमत 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती है। अगर ऐसा हुआ तो सभी गल्फ एनर्जी प्रोड्यूसर कुछ हफ्तों में एक्सपोर्ट बंद कर देंगे। यह बात कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने फाइनेंशियल टाइम्स को एक इंटरव्यू में कही है। कतर ने इस सप्ताह सोमवार को लिक्विफाइड नेचुरल गैस का प्रोडक्शन रोक दिया। इसकी वजह है कि ईरान, इजरायली और अमेरिकी हमलों के जवाब में गल्फ देशों को भी निशाना बना रहा है। ईरान ने मध्यपूर्व के कई देशों में अमेरिकी मिलिट्री बेस और इजरायल से जुड़े एसेट्स को निशाना बनाकर हमले किए हैं।
