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देश की टॉप-3 IT कंपनियों में नई भर्ती पर कैंची, सितंबर तिमाही में करीब 16,000 कर्मचारी हुए कम

देश की तीन सबसे बड़ी आईटी कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या में सितंबर तिमाही के दौरान गिरावट आई है। आईटी कंपनियां इस समय ग्लोबल स्तर पर मांग में सुस्ती का सामना कर रही हैं। ऐसे में वे कंपनी छोड़कर जा रहे कर्मचारियों की जगह नए लोगों को हायर करने में देरी कर रही है और इसकी जगह पहले से हायर फ्रेशर्स टैलेंट से काम लेने पर जोर दे रही हैं

Moneycontrol Newsअपडेटेड Oct 13, 2023 पर 6:51 PM
देश की टॉप-3 IT कंपनियों में नई भर्ती पर कैंची, सितंबर तिमाही में करीब 16,000 कर्मचारी हुए कम
TCS के कर्मचारियों की संख्या में 6,333 की गिरावट आई है

देश की तीन सबसे बड़ी आईटी कंपनियों के कर्मचारियों की संख्या में सितंबर तिमाही के दौरान गिरावट आई है। आईटी कंपनियां इस समय ग्लोबल स्तर पर मांग में सुस्ती का सामना कर रही हैं। ऐसे में वे कंपनी छोड़कर जा रहे कर्मचारियों की जगह नए लोगों को हायर करने में देरी कर रही है और इसकी जगह पहले से हायर फ्रेशर्स टैलेंट के बेहतर तरीके से इस्तेमाल पर फोकस कर रही हैं। माना जा रहा है कि यह ट्रेंड बाकी आईटी कंपनियों में देखने को मिल सकता है। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), इंफोसिस (Infosys) और एचसीएल टेक (HCL Tech) तीनों के कुल कर्मचारियों की संख्या में सितंबर तिमाही में 16,162 की गिरावट आई है।

TCS के कर्मचारियों की संख्या में 6,333 की गिरावट आई है। यह पिछले 5 सालों में किसी एक तिमाही के दौरान कंपनी में आई सबसे अधिक गिरावट है। वहीं इंफोसिस के कर्मचारियों की संख्या में भी 7,530 की तेज गिरावट आई है। जबकि एचसीएल टेक के कर्मचारियों की संख्या 2,299 घटी है।

सभी कंपनियों के HR प्रमुख का कहना है कि वे पहले से ही हायर किए जा चुके टैलेंट का बेहतर इस्तेमाल करना चाहते हैं। तीनों कंपनियों ने यह भी कहा है कि वे अधिकांश एट्रिशन की भरपाई नहीं कर रही हैं। यानी जो कर्मचारी कंपनी छोड़कर गए हैं, उनकी जगह नए लोगों को नहीं हायर कर रही हैं।

TCS के चीफ ह्यूमन रिसोर्स ऑफिसर, मिलिंद लक्कड़ ने कहा कि फ्रेशर्स को हायर करने और उन्हें ट्रेन करने की कंपनी हमेशा से रणनीति रही है। उन्होंने कहा, "हमारी रणनीति अच्छे फ्रेशर्स टैलेंट को हायर करने और उन्हें सही स्किल्स ट्रेनिंग देने में निवेश करने की रही है, जिसका हमें फायदा मिल रहा है। इन टैलेंट के आने एट्रिशन रेट में गिरावट से हम अपनी उत्पादकता को बढ़ाने में कामयाब रहे हैं।"

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