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Watermelon: केमिकल से पके तरबूज की कैसे करें पहचान, कैंसर समेत कई बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा

Watermelon: गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है। इस मौसम में लोग अपने शरीर को हाइड्रेट बनाए रखने के लिए तरबूज-खरबूज का सेवन काफी करते हैं। लोग लाल तरबूज की तलाश में रहते हैं। ऐसे में अगर तरबूज को केमिकल डालकर पकाया गया है तो यह सेहत के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। लिहाजा इसकी पहचान करना बेहद जरूरी है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 16, 2024 पर 4:04 PM
Watermelon: केमिकल से पके तरबूज की कैसे करें पहचान, कैंसर समेत कई बीमारियों का बढ़ सकता है खतरा
Watermelon: केमिकल से पकाए गए तरबूज के सेवन करने से कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

Watermelon: गर्मी के मौसम में लोग खूब तरबूज खाते हैं। तरबूज ऐसा फल है जिसमें फाइबर और पानी दोनों भरपूर मात्रा में पाया जाता है। दिखने में लाल और मीठे और पानी से भरपूर तरबूज सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। बच्चों से लेकर बड़े सभी गर्मियों में खूब तरबूज खाते हैं। तरबूज में काफी सारे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। गर्मियों में इसकी डिमांड बढ़ने से इस फल को जल्दी पकाने के लिए केमिकल का भी इस्तेमाल किया जाता है। केमिकल से पकाए गए तरबूज सेहत के लिए किसी दुश्मन से कम नहीं हैं।

केमिकल के इस्तेमाल से तरबूज जल्द पक जाता और लाल रंग का दिखने लगता है। ऐसे में बहुत से लोग नहीं पहचान पाते हैं कि तरबूज आखिरकार कैसे पकाया गया है? लिहाजा नेचुरल तरीके से पकाया गया तरबूज और केमिकल से पकाए गए तरबूज की पहचान करना जरूरी है।

केमिकल से पकाए गए तरबूज की कैसे करें पहचान

लखनऊ राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य और डीन, प्रोफेसर माखन लाल का कहना है कि तरबूज जमीन पर उगाए जाते हैं। उनमें अक्सर दाग और सफेद निशान होते हैं। इससे पता चलता है कि यह नेचुरल तरीके से पका है। वहीं अगर तरबूज को केमिल से पकाया गया है तो रखे गए सभी तरबूज एक समान लाल होते हैं। उनमें किसी भी तरह का दाग या निशान नहीं होता है। इसका मतलब ये है कि रात भर में केमिकल से पकाया गया है। वहीं अगर तरबूज को काटने के बाद आपको इसके बीच में दरार या कई छेद दिखाई देते हैं, तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि तरबूज को केमिकल की मदद से पकाया गया है। प्राकृतिक रूप से पके फल में ऐसी दरार नहीं दिखाई देती है।

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