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दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 साल की रेप पीड़िता नाबालिग बच्ची को गर्भपात की दी इजाजत, AAP सरकार को दिए ये निर्देश

दिल्ली हाई कोर्ट का यह आदेश एक महिला की याचिका पर आई है जिसमें उन्होंने अपनी 14 साल की बेटी का गर्भपात कराने की अनुमति मांगी है। अपने 22 पन्नों के फैसले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि उसे अपने निवास स्थान के पास एक सरकारी स्कूल में एडमिशन मिले

Curated By: Akhileshअपडेटेड Jan 26, 2023 पर 5:33 PM
दिल्ली हाई कोर्ट ने 14 साल की रेप पीड़िता नाबालिग बच्ची को गर्भपात की दी इजाजत, AAP सरकार को दिए ये निर्देश
कोर्ट ने बताया कि लड़की गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिट है

दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने बुधवार को एक 14 वर्षीय बलात्कार पीड़िता को उसके 25 सप्ताह के गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने कहा कि लड़की को उस व्यक्ति (जिसने उसका यौन उत्पीड़न किया) के बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर करना दुखद परिणाम होगा। अदालत का यह आदेश एक महिला की याचिका पर आयी है जिसमें उन्होंने अपनी 14 साल की बेटी का गर्भपात कराने की अनुमति मांगी है।

अपने 22 पन्नों के फैसले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि उसे अपने निवास स्थान के पास एक सरकारी स्कूल में एडमिशन मिले। कोर्ट ने कहा कि श्रमिक की बेटी ने आर्थिक तंगी के चलते अदालत का दरवाजा खटखटाने में अपना महत्वपूर्ण समय गंवा दिया।

जिस युवा लड़की की याचिका पर हाई कोर्ट ने यह फैसला सुनाया गया है, उसका उस वक्त यौन उत्पीड़न किया गया था जब उसके माता-पिता काम के लिए घर से बाहर गए थे। लड़की ने चार महीने तक अपने माता-पिता को रेप के बारे में नहीं बताया, लेकिन जब मां ने अपनी बेटी के शरीर में बदलाव देखा, तो उसने उसका टेस्ट कराया और बाद में आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज कराई।

जब पहली बार जज के सामने मामले को सूचीबद्ध किया गया था उसके बाद अदालत ने 24 जनवरी को इस मामले में एक मेडिकल बोर्ड का गठन किया। बोर्ड ने कोर्ट को बताया कि लड़की गर्भावस्था को समाप्त करने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिट है।

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