इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड (IMF) का मानना है कि भारत और चीन समेत एशिया के उभरते बाजारों में आर्थिक सुस्ती का दौर अब बीत चुका है। चीन में कोविड जीरो नीति को वापस लेने, भारत में उतार-चढ़ाव और रूस की उम्मीद के विपरीत ग्रोथ के दम पर इस साल 2023 में अच्छी ग्रोथ के आसार दिख रहे हैं। आईएमएफ के मुताबिक आर्थिक सुस्ती का खराब दौर पिछले साल 2022 में ही बीत चुका है। आईएमएफ का अनुमान है कि इस साल भारत की इकोनॉमी 6.1 फीसदी की दर से और चीन की इकोनॉमी 5.2 फीसदी की दर से बढ़ेगी। आईएमएफ के रिसर्च डिपार्टमेंट के मुख्य अर्थशास्त्री और निदेशक Pierre-Olivier Gourinchas का कहना है कि भारत और चीन को मिलाकर देखा जाए तो इस साल दुनिया भर की ग्रोथ में करीब 50 फीसदी हिस्सा इन्हीं दोनों देशों का होगा।
