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Green Hydrogen Policy: सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी पेश की, जानिए क्या है ग्रीन हाइड्रोजन

पिछले कुछ समय से दुनिया की बड़ी ऑयल और गैस कंपनियों की दिलचस्पी ग्रीन हाइड्रोजन में बढ़ी है। एक्सपर्ट का कहना है कि हर चीज के लिए इलेक्ट्रिक का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। ऐसे में कुछ इंडस्ट्रियल प्रोसेस और हेवी ट्रांसपोर्टेशन के लिए गैस का इस्तेमाल किया जा सकता है। रिन्यूएबल हाइड्रोजन सबसे अच्छी गैस है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 17, 2022 पर 7:42 PM
Green Hydrogen Policy: सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी पेश की, जानिए क्या है ग्रीन हाइड्रोजन
ग्रीन हाइड्रोजन एनर्जी का स्वच्छ स्रोत है। ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए पानी से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन को अलग किया जाता है। इस प्रोसेस में इलेक्ट्रोलाइजर का इस्तेमाल होता है।

सरकार ने ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी (Green Hydrogen Policy) पेश कर दी है। इसे ग्रीन अमोनिया पॉलिसी भी कहा जाता है। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका ऐलान किया था। पॉलिसी लॉन्च होने से देश में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। इससे एनर्जी के पारंपरिक साधनों पर निर्भरता घटाने के साथ ही पॉलूशन घटाने में मदद मिलेगी। आइए जानते हैं ग्रीन हाइड्रोजन क्या है और इस पॉलिसी से क्या फायदे होंगे।

गुरुवार को पावर मिनिस्ट्री ने ग्रीन हाइड्रोजन पॉलिसी पेश की। इसमें कहा गया है कि ग्रीन हाइड्रोनज के मैन्युफैक्चरर्स पावर एक्सचेंज से रिन्यूएबल पावर (Renewable power) खरीद सकते हैं। अगर वे चाहें तो खुद रिन्यूएबल एनर्जी फैसिलिटी लगा सकते हैं। मिनिस्ट्री ने यह भी कहा है कि आवेदन प्राप्त होने के 15 दिन के अंदर ओपन एक्सेस जारी कर दिया जाएगा। ग्रीन हाइड्रोजन के मैन्युफैक्चरर्स अपने रिन्यूएबल पावर को डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी को 30 दिन तक रख सकते हैं। जरूरत पड़ने पर वे इसे वापस ले सकते हैं।

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इस पॉलिसी में ग्रीन हाइड्रोजन के मैन्युफैक्चरर्स को 'इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन चार्ज' से भी छूट दी गई है। यह छूट 25 साल के लिए होगी। शर्त यह है कि उनके प्रोजेक्ट्स 30 जून, 2025 से पहले चालू हो जाने चाहिए। उन्हें प्रायरिटी बेसिस पर ग्रीड की कनेक्टिविटी दी जाएगी। ग्रीन हाइड्रोजन के मैन्युफैक्चरर्स को पोर्ट्स के नजदीक बंकर बनाने की इजाजत दी जाएगी। इसका इस्तेमाल वे निर्यात के मकसद से ग्रीन अमोनिया स्टोर करने के लिए करेंगे।

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