सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के पास बीएड की डिग्री होती है। अब केवल इस बात से उनका काम नहीं चलेगा। शिक्षकों को शिक्षा से जुड़ी हर विधा में पारंगत करने के लिए बोर्ड की ओर से 50 घंटे की ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी गई है। स्कूल प्रिंसिपल से लेकर प्राथमिक कक्षा के शिक्षकों को भी ट्रेनिंग के दौर से गुजरना होगा। साल 2025 में ट्रेनिंग का यह प्रोग्राम लॉन्च किया जाएगा। यह प्रोग्राम पूरे भारत में बड़े पैमाने पर चलाया जाएगा। दरअसल, CBSE बोर्ड अगले साल ‘ट्रेनिंग इंटरवेंशन फ्रेमवर्क एंड सॉल्यूशंस’ (टीआईएफएस) फ्रेमवर्क लॉन्च करेगा। इसके जरिए देश भर में 30,000 से ज्यादा CBSE बोर्ड के स्कूल शामिल होंगे। इसमें 15 लाख शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाएगी।
