Moneycontrol Hindi Daily Essential: जानिए आपके लिए 7 जरूरी खबरें कौन सी हैं!

मनीकंट्रोल हिंदी के इस सीरीज में हम अपने पाठकों को उन चुनिंदा खबरों का ब्योरा दे रहे हैं ताकि भागदौड़ में कुछ जरूरी खबर छूट ना जाए

अपडेटेड Sep 24, 2022 पर 7:54 AM
क्या आपने भी ये खबरें मिस कर दी हैं तो एकबार फिर डालिए एक नजर

दिन भर की भागदौड़ में ऐसी कई अहम खबरें होती हैं जो आप मिस करते हैं। इसलिए मनीकंट्रोल हिंदी आपके लिए 7 ऐसे लेख पेश कर रही है जिनपर आपका ध्यान जाना चाहिए। अगर आपने भी ये लेख मिस कर दिया है तो यहां पढ़िए।

1. शेयर बाजार में मचा कोहराम: सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, जानिए बाजार में क्यों आई इतनी बड़ी गिरावट

Market Updates: इंडियन शेयर मार्केट्स में 23 सितंबर (शुक्रवार) को लगातार तीसरे दिन गिरावट आई। बाजार के प्रमुख सूचकांक Sensex और निफ्टी 1.5 फीसदी से ज्यादा गिर गए। 23 सितंबर को बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1020 अंक यानी 1.73 फीसदी गिरकर 58,098.92 अंक पर बंद हुआ। NSE का 50 शेयरों वाला NIFTY 50 भी 1.72 फीसदी यानी 32 अंक गिरकर कारोबार के अंत में 17,327 अंक पर रहा।


सबसे ज्यादा गिरावट पावर, रियल्टी और बैंक शेयरों में आई। सभी सेक्टर के सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। कैपिटल गुड्स, पावर, रियल्टी और बैंक सूचकांक 2-3 फीसदी गिरकर बंद हुए।

2. मूनलाइटिंग के समर्थन में उतरे केंद्रीय आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर, कहा- "कर्मचारियों के सपनों पर लगाम नहीं लगाएं कंपनियां"

आईटी कंपनियां जहां एक तरफ मूनलाइटिंग (Moonlighting) के खिलाफ लामबंद होकर प्रतिबंध लगा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और स्किल डिवेलपमेंट मंत्री राजीव चंद्रशेखर (Rajeev Chandrasekhar) ने आज 23 सितंबर को मूनलाइंटिंग के का समर्थन किया और कहा कि कंपनियों को अपने कर्मचारियों के सपनों पर लगाम नहीं लगानी चाहिए।

उन्होंने कहा, "आज के युवाओं में अपने कौशल को लेकर आत्मविश्वास है और एक उद्देश्य है, जिसके जरिए वह अपने इसे मॉनेटाइज कर अधिक वैल्यू बनाना चाहते हैं। ऐसे में कंपनियों का उन्हें रोकने का प्रयास, खास तौर से उन्हें खुद के स्टार्टअप पर काम नहीं करने देने का प्रयास, विफल होने वाला है।"

3. MC Interview: निफ्टी आईटी में और 10% गिरावट हो सकती है, CPSE में ओवरऑल स्ट्रक्चर बुलिश- Investment Advisor

स्वास्तिका इनवेस्टमार्ट (Swastika Investmart) के संतोष मीणा (Santosh Meena) का कहना है कि निफ्टी आईटी इंडेक्स 26,200 के स्तर के आसपास बेस बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के बेंचमार्क में अभी भी 10 प्रतिशत की और गिरावट का खतरा है। इसके साथ ही निफ्टी और बैंक निफ्टी में आगे की चाल पर भी इन्होंने बात की।

मीणा ने मनीकंट्रोल को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि और 10 प्रतिशत की गिरावट के बाद COVID रैली का 50 प्रतिशत रिट्रेसमेंट पूरा हो जाएगा।

4. यूजर्स को मिलेगा कॉलर के बारे में जानने का अधिकार, OTT, फेसबुक, वॉटसऐप पर होगी सख्ती

फेसबुक, वॉट्सऐप,टेलीग्राम जैसे ओटीटी एप्स जल्दी ही रेगुलेशन के दायरे में आएंगे। टेलीकॉम सेक्टर में नए बदलाव करने वाला ड्राफ्ट टेलीकॉम बिल 6 से 10 महीने के अंदर लागू होगा। ड्राफ्ट बिल लागू होने के बाद टेलीकॉम कंपनियों को भी राहत मिलेगी। टेलीकॉम मंत्री का कहना है कि इस बिल का मकसद रेगुलेशन को आसान बनाना है।

टेलीकॉम सेक्टर के लिए सुधार के साथ टेलीकॉम बिल 6 से 10 महीने में लागू होगा। इसके लिए 20 अक्टूबर तक ड्राफ्ट पर लोगों की राय ली जायेगी। अब OTT, फेसबुक, वॉटसऐप का रेगुलेशन होगा। इस बिल के तहत ई-मेल वाले ऐप भी रेगुलेशन में आएंगे। अब कंपनियों को सीधे स्पेक्ट्रम मिलेगा। बिल के तहत लाइसेंस शर्त आसान की जायेंगी और पेनाल्टी भी कम की जायेगी।

5. NPS Vs OPS: न्यू पेंशन स्कीम पुरानी के मुकाबले बेहतर है, फिर क्यों पुरानी स्कीम लागू करने की हो रही मांग?

पंजाब सरकार ने हाल में कहा था कि वह एंप्लॉयीज के लिए ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) लागू करने के बारे में सोच रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे वादों का मकसद लोगों को सिर्फ खुश करना है, क्योंकि इससे सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ेगा। आखिरकार सरकार लोगों के टैक्स का इस्तेमाल ही अपने खर्च के लिए करती है।

अगर पंजाब सरकार की यह प्लान हकीकत में बदलता है तो वह ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करने वाला तीसरा राज्य होगा। इससे पहले राजस्थान और छत्तीसगढ़ यह ऐलान कर चुके हैं। कुछ एंप्लॉयीज यूनियन भी न्यू पेंशन स्कीम (NPS) की जगह OPS लागू करने के पक्ष में हैं।

6. Stock Trend: कमजोर मार्केट में भी 12% उछले इस कंपनी के शेयर, छह साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा भाव

Stock Trend: घरेलू मार्केट में आज बिकवाली का दबाव रहा और सेंसेक्स 1020.80 अंक यानी 1.73 फीसदी की गिरावट के साथ 58,098.92 पर बंद हुआ है। हालांकि इस कमजोर मार्केट सेंटिमेंट में भी हैवी इलेक्ट्रिक इक्विपमेंट सेक्टर की दिग्गज कंपनी श्नाइडर इलेक्ट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Schneider Electric Infrastructure) के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी हुई।

शानदार खरीदारी के दम पर इंट्रा-डे में यह करीब 12 फीसदी की उछाल के साथ 189.60 रुपये के भाव पर पहुंच गया। अगस्त 2015 के बाद से यानी कि पिछले छह साल में यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।

7. कॉलेज की डिग्री नहीं, होना चाहिए सही सर्टिफिकेट! भर्तियों के लिए ऐसे स्ट्रैटजी बना रहा इंडिया इंक

कॉलेज की डिग्री या स्किल, किसकी ज्यादा अहमियत है? इंडिया इंक लंबे समय से इस सवाल का जवाब खोज रहा है, क्योंकि ऑनलाइन सर्टिफिकेशन कोर्स की आसान उपलब्धता से नए तरह के कैंडीडेट तैयार हो रहे हैं। उनके पास भले ही कॉलेज की डिग्री न हो, लेकिन उनके पास जॉब के लिए सही स्किल जरूर होती है।

नई पीढ़ी की स्किल्स की भारी कमी से जूझ रहीं दिग्गज टेक कंपनियां पहले ही अपनी टैलेंट स्ट्रैटजी में बदलाव ला रही हैं। उदाहरण के लिए, IBM India ने अब ‘स्किल फर्स्ट’ एप्रोच लागू करती है, जहां कॉलेज की डिग्री कोई मायने नहीं रखती है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।