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'अजमेर शरीफ दरगाह एक प्राचीन शिव मिंदर है', महाराणा प्रताप सेना का दावा, CM गहलोत को पत्र लिखकर की ASI सर्वे की मांग

महाराणा प्रताप सेना (MPS) के पदााधिकारियों ने एक तस्वीर भी शेयर की है। इसमें अजमेर शरीफ दरगाह की खिड़कियों पर स्वास्तिक चिन्ह देखे जा सकते हैं। उन्होंने पूछा कि दरगाह के अंदर स्वस्तिक का क्या मतलब है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 26, 2022 पर 9:00 PM
'अजमेर शरीफ दरगाह एक प्राचीन शिव मिंदर है', महाराणा प्रताप सेना का दावा, CM गहलोत को पत्र लिखकर की ASI सर्वे की मांग
अजमेर शरीफ दरगाह एक प्राचीन शिव मिंदर है- महाराणा प्रताप सेना का दावा (FILE PIC)

देश भर में चल रहे मंदिर-मस्जिद विवाद (Mandir Masjid Row) के बीच हिंदुत्व से जुड़े संगठन महाराणा प्रताप सेना (Maharana Pratap Sena) ने दावा किया है कि अजमेर शरीफ (Ajmer Sharif) भगवान शिव का मंदिर (Shiv temple) है। संगठन ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) को भी पत्र लिखकर इसकी जांच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से कराने की मांग की है।

महाराणा प्रताप सेना के पदााधिकारियों ने एक तस्वीर भी शेयर की है। इसमें अजमेर शरीफ दरगाह की खिड़कियों पर स्वास्तिक चिन्ह देखे जा सकते हैं। MPS के संस्थापक राजवर्धन सिंह परमार का दावा है कि अजमेर में हजरत ख्वाजा गरीब नवाज दरगाह एक प्राचीन शिव मंदिर था।

उन्होंने पूछा कि दरगाह के अंदर स्वस्तिक का क्या मतलब है? उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और केंद्र को इसकी जांच करनी चाहिए। एक सप्ताह में जांच नहीं हुई, हम तो केंद्रीय मंत्रियों से मिलेंगे। राजवर्धन सिंह परमार ने आगे कहा कि सर्वे नहीं होने पर आंदोलन भी किया जाएगा।

वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद पर कानूनी लड़ाई के बीच, श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद के बीच एक और भूमि विवाद मथुरा में सामने आया है। इसमें हिंदू महासभा ने शाही ईदगाह मस्जिद की 'शुद्धि' की मांग के लिए दीवानी अदालत में याचिका दायर की है। याचिका पर एक जुलाई को सुनवाई होनी है।

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