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महाराष्ट्र में अब विभागों के बंटवारे को लेकर रस्साकसी, अजित पवार को वित्त मंत्रालय नहीं देना चाहता शिंदे गुट

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े नाटकीय घटनाक्रम के तहत रविवार दो जुलाई को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार पार्टी में विभाजन की स्थिति पैदा करते हुए राज्य सरकार में डिप्टी सीएम बन गए। इस कदम ने उनके चाचा शरद पवार को चौंका दिया है, जिन्होंने 24 साल पहले पार्टी की स्थापना की थी। दक्षिण मुंबई के राजभवन में आयोजित समारोह में NCP के आठ अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली

Akhileshअपडेटेड Jul 04, 2023 पर 4:46 PM
महाराष्ट्र में अब विभागों के बंटवारे को लेकर रस्साकसी, अजित पवार को वित्त मंत्रालय नहीं देना चाहता शिंदे गुट
Maharashtra Political Crisis: अजित पवार के एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर रस्साकसी तेज हो गई है

Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़े नाटकीय घटनाक्रम के तहत रविवार दो जुलाई को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार पार्टी में विभाजन की स्थिति पैदा करते हुए राज्य सरकार में डिप्टी सीएम बन गए। इस कदम ने उनके चाचा शरद पवार को चौंका दिया है, जिन्होंने 24 साल पहले पार्टी की स्थापना की थी। दक्षिण मुंबई के राजभवन में आयोजित समारोह में NCP के आठ अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में आयोजित एक समारोह में राज्यपाल रमेश बैस ने अजित पवार को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाई। वहीं, मंत्री पद की शपथ लेने वालों में छगन भुजबल, दिलीप वाल्से पाटिल, हसन मुशरिफ, धनंजय मुंडे, अदिति तटकरे, धर्मराव अत्राम, अनिल पाटिल और संजय बनसोडे शामिल हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले ने दावा किया कि NCP के 40 विधायकों (कुल 53 में से) ने राज्य सरकार का समर्थन किया है। बता दें कि राज्य में विधानसभा चुनाव अगले साल प्रस्तावित है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राज्य अब एक सीएम और दो डिप्टी सीएम के साथ विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ेगा।

विभागों के बंटवारे को लेकर रस्साकसी

अजित पवार के एकनाथ शिंदे सरकार में शामिल होने के बाद अब विभागों के बंटवारे को लेकर रस्साकसी तेज हो गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अजित पवार गुट के नेताओं को वित्त, योजना और सहकारिता मंत्रालय मिलने की संभावना है। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा पवार गुट बिजली, सिंचाई और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्रालय की भी मांग कर रहा है। सूत्रों ने बताया कि अजित पवार गुट ने वित्त मंत्रालय समेत कई अहम मंत्रालयों के लिए अपनी इच्छा जाहिर की है। लेकिन सूत्रों के मुताबिक शिंदे गुट पवार खेमा को वित्त मंत्रालय नहीं देना चाहता है, जो महाराष्ट्र जैसे राज्य में काफी अहम माना जा रहा है।

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