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RTI और NREGA से लेकर न्यूक्लियर डील तक... उपलब्धियों से भरा रहा मनमोहन सिंह का कार्यकाल, इन 5 फैसलों से बदली भारत की तस्वीर

Manmohan Singh Death: वर्ष 2008 में अमेरिका के साथ भारत का ऐतिहासिक असैन्य परमाणु समझौता विदेश नीति के क्षेत्र में मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्व काल का गौरवशाली क्षण बना रहेगा। इस ऐतिहासिक समझौते ने न केवल देश के साथ परमाणु भेदभाव को समाप्त किया। बल्कि वैश्विक पटल पर एक अनुकूल भू-राजनीतिक संरचना का भी निर्माण किया

Akhileshअपडेटेड Dec 27, 2024 पर 11:08 AM
RTI और NREGA से लेकर न्यूक्लियर डील तक... उपलब्धियों से भरा रहा मनमोहन सिंह का कार्यकाल, इन 5 फैसलों से बदली भारत की तस्वीर
मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यूपीए सरकार ने सामाजिक क्षेत्र में कई ऐतिहासिक पहल कीं

Manmohan Singh Death: आर्थिक सुधारों के प्रणेता पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह का गुरुवार (26 दिसंबर) रात निधन हो गया। वह 92 वर्ष के थे। सिंह ने भारत के 14वें प्रधानमंत्री के रूप में वर्ष 2004 से 2014 तक 10 वर्षों तक देश का नेतृत्व किया। उनके परिवार में पत्नी गुरशरण कौर और तीन बेटियां हैं। उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा और सोनिया गांधी अस्पताल पहुंचीं। दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक राष्ट्र के 10 वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे सिंह को दुनिया भर में उनकी आर्थिक विद्वता तथा कार्यों के लिए सम्मान दिया जाता था।

मनमोहन सिंह को मई 2004 में देश की सेवा करने का एक और मौका मिला और इस बार वह देश के प्रधानमंत्री बने। अगले 10 वर्षों तक उन्होंने देश की आर्थिक नीतियों और सुधारों को मार्गदर्शन देने का काम किया। उनके कार्यकाल में ही 2007 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर नौ प्रतिशत के उच्चतम स्तर पर पहुंची और दुनिया की दूसरी सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बन गया।

वह 2005 में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) लेकर आए और बिक्री कर की जगह मूल्य वर्धित कर (वैट) लागू हुआ। इसके अलावा डॉ सिंह ने देश भर में 76,000 करोड़ रुपये की कृषि कर्ज माफी और ऋण राहत योजना लागू कर करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचाने का काम किया।

उन्होंने 2008 की वैश्विक वित्तीय मंदी के समय भी देश का नेतृत्व किया और मुश्किल स्थिति से निपटने के लिए एक विशाल प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की। उनके कार्यकाल में ही भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के माध्यम से 'आधार' की शुरुआत हुई।

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