NDA Meeting in Delhi: केंद्र में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) आज यानी मंगलवार को अपने घटक दलों की एक बैठक की मेजबानी करने जा रहा है। बेंगलुरु में विपक्षी दलों के एकजुट होने के बीच BJP की ओर से बुलाई गई यह बैठक सत्तारूढ़ गठबंधन के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखी जा रही है। नई दिल्ली में होने वाली NDA की बैठक में BJP के कई मौजूदा और नए सहयोगी दल मौजूद रहेंगे। सत्तारूढ़ पार्टी ने हाल के दिनों में नए दलों को साथ लेने और गठबंधन छोड़कर जा चुके पुराने सहयोगियों को वापस लाने के लिए कड़ी मेहनत की है। लंबे अरसे बाद हो रही NDA की बैठक में 38 दल शामिल होंगे।
चिराग पासवान के नेतृत्व वाली लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), ओपी राजभर के नेतृत्व वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) सहित BJP के कई नए सहयोगी दल NDA की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष जे पी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। बीजेपी ने 18 जुलाई को शाम 4 बजे दिल्ली के अशोका होटल में NDA की बैठक बुलाई है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोक जनता दल (आरएलजेडी) और पवन कल्याण के नेतृत्व वाली जन सेना के NDA की बैठक में शामिल होने की उम्मीद है। इनमें से कुछ दलों ने पहले भी BJP के साथ साझेदारी की थी। बीजेपी प्रमुख नड्डा ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "38 दलों ने मंगलवार शाम को होने वाली NDA की बैठक में शामिल होने की पुष्टि की है।"
जनता दल (यूनाइटेड), उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना और अकाली दल जैसे अपने कई पारंपरिक सहयोगियों को खोने के बाद, BJP एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, NCP के अजीत पवार के नेतृत्व वाले गुट, उत्तर प्रदेश में ओपी राजभर के नेतृत्व वाली सुभासपा और जीतन राम मांझी के नेतृत्व वाले हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) और आरएलजेडी के साथ गठबंधन करने में सफल रही है।
पीएम मोदी के साथ अजित पवार भी रहेंगे मौजूद
बीजेपी अध्यक्ष ने इन दलों को बैठक में उपस्थिति के लिए निमंत्रण भेजा है, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सत्तारूढ़ दल के अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। NCP के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने मुंबई में पत्रकारों से कहा, "अजित पवार और मैं कल दिल्ली में राजग की बैठक में मौजूद रहेंगे।" जन सेना के नेता पवन कल्याण और आरएलजेडी नेता कुशवाहा ने कहा है कि वे NDA की बैठक में शामिल होंगे। तमिलनाडु की अन्नाद्रमुक और पूर्वोत्तर राज्यों तथा देश के अन्य हिस्सों के कई दल भी बैठक में मौजूद रहेंगे।
काफी समय बाद हो रही है NDA की बैठक
नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल के दौरान इस स्तर की यह NDA पहली ऐसी बैठक होगी, जो अगले साल अप्रैल-मई में संभावित लोकसभा चुनावों से पहले एक प्रमुख गठबंधन सहयोगी के रूप में अपनी साख पेश करने की सत्तारूढ़ पार्टी के भीतर अनिवार्यता को रेखांकित करती है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों की कई सीटों पर क्षेत्रीय दलों का किसी विशेष क्षेत्र या जाति में खासा प्रभाव माना जाता है।
इन दोनों राज्यों में लोकसभा की 120 सीट है। लोकसभा में लगातार तीसरी बार बहुमत हासिल करने के लिए बीजेपी ने जहां नए सहयोगियों को समायोजित करने का प्रयास किया है। वहीं, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्यों में विपक्षी गुट को कमजोर करने का भी काम किया है।