Get App

प्रयागराज में सत्ता की लड़ाई में कैसे शुरू हुआ खूनी खेल, राजू पाल की हत्या से लेकर गवाह उमेश पाल के मर्डर तक, समझें पूरा मामला

हथियारों से लैस छह हमलावर उमेश पाल (Umesh Pal) पर ताबड़तोड़ फायरिंग और बमबारी करने के बाद फरार होने में सफल हो गए। घटना का CCTV फुटेज वायरल हो गया है और यूपी पुलिस (UP Police) ने मामले की जांच के लिए आठ टीम बनाई हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बताती है कि उमेश पाल को सात बार गोली मारी गई थी और उनके शरीर पर 13 चोटें थीं

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 27, 2023 पर 9:50 AM
प्रयागराज में सत्ता की लड़ाई में कैसे शुरू हुआ खूनी खेल, राजू पाल की हत्या से लेकर गवाह उमेश पाल के मर्डर तक, समझें पूरा मामला
उमेश पाल की 24 फरवरी की शाम प्रयागराज के सुलेम सराय इलाके में उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई

प्रयागराज (Prayagraj) में 2005 में बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायक राजू पाल की हत्या (Raju Pal Murder) के मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या (Umesh Pal Murder) ने राजनीतिक हंगामा खड़ा कर दिया है। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि ऐसी घटनाएं उत्तर प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था की ओर इशारा करती हैं। 43 साल के वकील उमेश पाल की 24 फरवरी की शाम प्रयागराज के सुलेम सराय इलाके में उनके घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने कहा कि हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की और देशी बमों से उन पर हमला किया। हमले में पाल के दो बॉडीगार्ड भी घायल हो गए और उनमें से एक की पहचान संदीप निषाद के रूप में हुई, जिसने गोली लगने से दम तोड़ दिया।

दूसरी तरफ भारी हथियारों से लैस छह हमलावर ताबड़तोड़ फायरिंग और बमबारी करने के बाद फरार होने में सफल हो गए। घटना का CCTV फुटेज वायरल हो गया है और यूपी पुलिस ने मामले की जांच के लिए आठ टीम बनाई हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बताती है कि उमेश पाल को सात बार गोली मारी गई थी और उनके शरीर पर 13 चोटें थीं।

विधायक राजू पाल हत्याकांड

राजू पाल BSP नेता थे। उन्होंने नवंबर 2004 में इलाहाबाद (पश्चिम) राज्य विधानसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में अतीक अहमद के छोटे भाई खालिद अजीम को हराकर जीत हासिल की थी। अतीक अहमद अब जेल में बंद है। सीट जीतने के तुरंत बाद, जनवरी 2005 में गणतंत्र दिवस परेड के लिए अपने गांव जाते समय पाल की हत्या कर दी गई थी।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें