दिग्गज ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन (Amazon) ने प्राइम मेंबरशिप सर्विस यानी एमेजॉन प्राइम (Amazon Prime) को लेकर अपने ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी फेडरल ट्रेड कमीशन (FTC) ने आरोप लगाया है कि एमेजॉन ने जान-बूझकर प्राइम मेंबरशिप को कैंसल करना बहुत कठिन बना दिया। कंज्यूमर प्रोटेक्शन एजेंसी ने इसे लेकर वाशिंगटन की स्टेट फेडरल कोर्ट में याचिका दायर किया। याचिका में दावा किया गया है कि एमेजॉन की वेबसाइट यूजर्स को प्राइम मेंबरशिप लेने के लिए मैनिपुलेट करती है जिसमें उन्हें 139 डॉलर की सालाना फीस पर फास्ट डिलीवरी, वीडियो स्ट्रीमिंग और 10 करोड़ गानों तक का एक्सेस मिलता है।
हालांकि जब यूजर्स इस मेंबरशिप को कैंसल करना चाहे तो यह कैसे होगा, इसे पता करने में बहुत दिक्कत होती है। इसमें ढेर सारे स्टेप बनाए गए हैं। इसके अलावा एफटीसी की प्रमुख लिना खान के मुताबिक एमेजॉन ने बिना यूजर्स की सहमति के यूजर्स को चालाकी से फंसाकर प्राइम मेंबरशिप्स को आगे बढ़ा दिया यानी वैलिडिटी एक्सपायर होने के बाद फिर से रिचार्ज कर दिया। इससे यूजर्स को वित्तीय तौर पर झटका लगा।
कितना मुश्किल Amazon Prime की मेंबरशिप रद्द करना
एफटीसी के मुताबिक एमेजॉन की प्राइम मेंबरशिप को कैंसल करने का प्रोसेस मुश्किल करना ऑनलाइन शॉपर्स के हितों की रक्षा के लिए बनाए गए 2010 के कंज्यूमर प्रोटेक्शन लॉ का उल्लंघन करता है। कंज्यूमर इंटेलीजेंस रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक मार्च 2023 के आंकड़ों के मुताबिक एमेजॉन के 16.7 करोड़ शॉपर्स यानी यूजर्स के पास प्राइम मेंबरशिप्स है। इसमें सालाना आधार पर कोई बदलाव नहीं हुआ है।
Amazon के खिलाफ तीसरा मामला
एमेजॉन प्राइम की मेंबरशिप को मिलाकर एफटीसी ने एक महीने में एमेजॉन के खिलाफ तीन याचिका दायर किया है। इससे पहले एमेजॉन पर एक मामला एलेक्सा को लेकर चल रहा था। उसमें यह था कि एलेक्सा स्पीकर्स ने बच्चों का डेटा कलेक्ट किया और इसे डिलीट नहीं किया। इसके अलावा एक और आरोप लगा कि इसकी रिंग डोरबेल्स और कैमरा यूजर्स की जासूसी करते हैं। इनके सेटलमेंट को लेकर एमेजॉन को 3.08 करोड़ डॉलर चुकाने पर सहमत होना पड़ा। हालांकि एमेजॉन ने इन आरोपों को स्वीकार नहीं किया लेकिन उसका कहना है कि मामले के निपटारे के लिए उसे सेटलमेंट करना पड़ा।