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Billionaire Barber: अरबपति है ये नाई, कारों का है जखीरा, आज भी काटते हैं बाल

Ramesh Babu Success Story: बेंगलुरु के अनंतपुर के रहने वाले रमेश जब 7 साल के थे। तभी उनके पिता गुजर गए। पिता की मौत के बाद रमेश बाबू की मां ने लोगों के घरों में खाना पकाने का काम किया। एक समय ऐसा था कि उन्हें खाने के लाले पड़े हुए थे। आज रमेश बाबू के पास 400 से ज्यादा महंगी कारों का जखीरा है

Jitendra Singhअपडेटेड Mar 18, 2024 पर 3:38 PM
Billionaire Barber: अरबपति है ये नाई, कारों का है जखीरा, आज भी काटते हैं बाल
Billionaire Barber: रमेश बाबू रमेश टूर एंड ट्रैवल्‍स के मालिक हैं। बचपन में उन्होंने अखबार बेचने का भी काम किया था।

Billionaire Barber: आज हम आपको एक ऐसे अरबपति नाई से मिलवाते हैं। जिनके पास कारों का जखीरा है। कोई भी ऐसी महंगी गाड़ी नहीं है, जो उनके पास नहीं है। दरअसल हम बात कर रहे हैं बेंगलुरु के अनंतपुर के रहने वाले रमेश बाबू की। रमेश बाबू किसी जमाने में बाल काटने का काम करते थे। आज अरबपति बनने के बाद बाट काटने का काम बंद नहीं किया है। रमेश बाबू बेंगलुरू के मशहूर बार्बर (नाई) हैं। वो अभी भी बाल काटने रोल्स रॉयस से जाते हैं। इनके पास रोल्स रॉयस, मर्सडीज, बीएमडब्ल्यू और ऑडी जैसी लग्जरी कारों का काफिला है।

रमेश बाबू जब 7 साल के थे, तभी उनके पिता गुजर गए। इनके पिता बंगलुरु के चेन्नास्वामी स्टेडियम के पास अपनी नाई की दुकान चलाते थे। पिता की मौत के बाद रमेश बाबू की मां ने लोगों के घरों में खाना पकाने का काम किया, ताकि बच्चों का पेट भर सकें। उन्होंने अपने पति की दुकान को महज 5 रुपए महीना पर किराए पर दे दिया था। 13 साल की उम्र में रमेश बाबू ने अखबार बेचने का काम शुरू किया।

रमेश ने संभाला पिता का सैलून

18 साल की उम्र में रमेश बाबू ने चाचा से अपना सैलून वापस ले लिया। उन्‍होंने उसे सुधारा और दो कारीगर रख लिए। अब समस्‍या यह थी कि कारीगर टाइम पर नहीं आते थे। इससे उनका धंधा खराब होने लगा। रमेश बाबू को बाल काटना नहीं आता था। फिर एक एक ग्राहक ने जिद करके रमेश बाबू से अपने बाल कटवाए। तब रमेश बाबू को अपने बाल काटने के हुनर का पता चला और वे मन लगाकर इस काम में जुट गए। उनका सैलून चल निकला। रमेश बाबू शानदार कटिंग करते थे। जल्द ही बेंगलुरु में रमेश बाबू का नाम मशहूर हो गया।

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