ब्रज की होली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और रंगों का अनोखा संगम है। यहां होली की शुरुआत बसंत पंचमी से होती है और पूरे 40 दिनों तक रंगों, संगीत और उत्साह की धूम मची रहती है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना और नंदगांव की गलियों में गुलाल उड़ता है, फाग के सुर गूंजते हैं, और भक्त राधा-कृष्ण की प्रेममय होली में खो जाते हैं। लट्ठमार होली से लेकर फूलों की होली और हुरंगे तक, हर रसिक मन इस उत्सव में सराबोर हो जाता है। देश-विदेश से हजारों लोग इस दिव्य होली का आनंद लेने ब्रज आते हैं।
