बृज भूषण और उनका बेटा WFI चुनाव की मतदाता सूची से बाहर, लेकिन दामाद को मिली जगह

Brij Bhushan Sharan Singh: उत्तर प्रदेश संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और राज्य संघ का उपाध्यक्ष उनका बेटा करण चुनाव का हिस्सा नहीं है। लेकिन WFI के निवर्तमान अध्यक्ष का दामाद विशाल सिंह चुनावों में बिहार का प्रतिनिधित्व करेगा। WFI संविधान के अनुसार, मान्यता प्राप्त इकाई केवल अपनी कार्यकारी समिति के सदस्य को चुनाव में प्रतिनिधित्व के लिए नामित कर सकती है

अपडेटेड Jul 26, 2023 पर 12:43 PM
Story continues below Advertisement
Brij Bhushan Sharan Singh: उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से बीजेपी सांसद बृज भूषण यौन उत्पीड़न के कई आरोपों का सामना कर रहे हैं

यौन उत्पीड़न के कई आरोपों का सामना कर रहे बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) और उनका बेटा करण भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के आगामी चुनाव में मतदाता सूची का हिस्सा नहीं हैं। लेकिन यह हैरान करने वाला है कि सूची में ऐसे सदस्यों को शामिल किया गया है जो मौजूदा राज्य इकाइयों से नहीं जुड़े हैं। इनमें सिंह के दामाद का भी नाम शामिल है। WFI के संविधान के अनुसार राज्यों की कार्यकारी समिति के सदस्यों को ही चुनाव में मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है। बृज भूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न के मामले में गवाहों की सूची में शामिल अनीता श्योराण को 12 अगस्त को होने वाले चुनाव में ओडिशा के प्रतिनिधि के रूप में शामिल किया गया है।

WFI संविधान के अनुसार, मान्यता प्राप्त इकाई केवल अपनी कार्यकारी समिति के सदस्य को चुनाव में प्रतिनिधित्व के लिए नामित कर सकती है। राष्ट्रमंडल खेल 2010 की गोल्ड मेडलिस्ट विजेता 38 साल की अनीता हरियाणा की रहने वाली हैं। वह राज्य पुलिस में नौकरी करती हैं। इस तरह प्रेम चंद लोचब का नाम गुजरात के प्रतिनिधि के रूप में शामिल है। जबकि वह असल में रेलवे खेल संवर्धन बोर्ड (RSPB) के सचिव हैं।

साथ ही तदर्थ पैनल के हैरानी भरे फैसले में असम को सदस्यता देने के बाद राज्य को वोटिंग अधिकार दिया गया है। डब्ल्यूएफआई के एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि एक तदर्थ पैनल कैसे एक राज्य को सदस्यता दे सकता है। यह फैसला आम परिषद में किया जाता है। यह समझना मुश्किल है कि यह फैसला कैसे किया गया।


सूत्र ने कहा कि यह डब्ल्यूएफआई के संविधान का स्पष्ट उल्लंघन है कि ऐसे लोगों को मतदाता सूची में नामित किया गया और स्वीकृति दी गई जो राज्य संस्थाओं का हिस्सा नहीं हैं। खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया की अगुआई वाले आंदोलनकारी पहलवानों को वादा किया था कि बृज भूषण के परिवार से कोई चुनाव में हिस्सा नहीं लेगा।

दामाद को मिली जगह

उत्तर प्रदेश संघ के अध्यक्ष बृज भूषण और राज्य संघ का उपाध्यक्ष उनका बेटा करण चुनाव का हिस्सा नहीं है। लेकिन पीटीआई के मुताबिक, भारतीय कुश्ती महासंघ के निवर्तमान अध्यक्ष का दामाद विशाल सिंह चुनावों में बिहार का प्रतिनिधित्व करेगा।

महाराष्ट्र और त्रिपुरा का कोई प्रतिनिधि चुनाव में नहीं होगा। चुनाव अधिकारी ने महाराष्ट्र के दोनों गुटों के दावों को खारिज कर दिया, जबकि त्रिपुरा की 2016 से ही मान्यता रद्द है। प्रत्येक राज्य इकाई से दो प्रतिनिधियों को मतदान करने की अनुमति दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश के कैसरगंज से सांसद बृज भूषण यौन उत्पीड़न के कई आरोपों का सामना कर रहे हैं और अभी जमानत पर हैं। वह चुनाव नहीं लड़ सकते क्योंकि उन्होंने पदाधिकारी के रूप में 12 साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। राष्ट्रीय खेल संहिता के अनुसार किसी भी पदाधिकारी का कार्यकाल 12 साल से अधिक नहीं हो सकता।

ये भी पढ़ें- No-confidence Motion: केंद्र के खिलाफ आज अविश्वास प्रस्ताव लाएगा विपक्ष, कांग्रेस ने लोकसभा में दी नोटिस

अब उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व प्रेम कुमार मिश्रा और संजय सिंह करेंगे। पिछले महीने खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बैठक में प्रदर्शनकारी पहलवानों - बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक और विनेश फोगाट ने मांग की थी कि बृज भूषण के परिवार से किसी को भी चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाए।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।