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Delhi Election Results: दिल्ली की हार के बाद क्या पंजाब भी खतरे में है? अब अस्तित्व बचाने के संकट का सामना कर रही AAP

Delhi Election Results 2025: अपने समर्थकों द्वारा भारत के सबसे तेजी से प्रगति करने वाले सियासी स्टार्ट-अप के रूप में सराही जाने वाली आम आदमी पार्टी (AAP) दिल्ली विधानसभा के पिछले दो चुनावों में लगातार प्रचंड जीत हासिल करने के बाद अब अस्तित्व बचाने के सबसे बड़े संकट का सामना कर रही है। खुद पार्टी के मुखिया अरविंद केजरीवाल अपनी सीट गंवा चुके हैं

Akhileshअपडेटेड Feb 09, 2025 पर 3:40 PM
Delhi Election Results: दिल्ली की हार के बाद क्या पंजाब भी खतरे में है? अब अस्तित्व बचाने के संकट का सामना कर रही AAP
Delhi Election Results 2025: राजनीतिक पंडितों का कहना है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी की हार पंजाब में उसके पतन की शुरुआत है

Delhi Election Results 2025 News Updates: आठ फरवरी आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए एक भूकंप की तरह आया, जिसने उनकी नींव हिला दी। अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी दिल्ली विधानसभा के पिछले दो चुनावों में लगातार प्रचंड जीत हासिल करने के बाद अब अस्तित्व बचाने के सबसे बड़े संकट का सामना कर रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार (8 फरवरी) को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को AAP से छीन लिया। दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 70 में से 48 सीटों पर जीत दर्ज की है। लेकिन AAP को सिर्फ 22 सीट पर जीत मिली। इस हार के साथ AAP ने ना केवल अपनी राजनीतिक ताकत खो दी। बल्कि पिछले दशक में बनी अपराजेय रहने की अपनी प्रतिष्ठा भी गंवा दी।

दिल्ली में ही AAP का उदय हुआ था, जहां इसने अपनी सफलता की इबारत लिखी थी। अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली सीट से हार गए और मनीष सिसोदिया, सत्येन्द्र जैन और सौरभ भारद्वाज जैसे अन्य पार्टी नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा। मुफ्त बिजली, पानी और शिक्षा सुधारों पर केंद्रित पार्टी का शासन मॉडल शहर के निवासियों के साथ तालमेल बिठाने में स्पष्ट रूप से विफल रहा।

केजरीवाल द्वारा मंदिर के पुजारियों को मासिक भत्ता देने का वादा करने के साथ उनका नरम हिंदुत्व भी मतदाताओं को रास नहीं आया। पार्टी को अब अपनी रणनीति को फिर से परिभाषित करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। इसे मतदाताओं के बीच विश्वास बहाल करने, भ्रष्टाचार के आरोपों से निपटने और अपने शासन मॉडल को मजबूत करने की भी जरूरत है। पार्टी पर अन्य राज्यों में पैठ बनाकर यह साबित करने का भी भारी दबाव होगा कि पंजाब में जीत कोई संयोग नहीं है।

क्या पंजाब भी AAP खतरे में है?

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