आंदोलन के बीच आज किसानों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी, इतने रुपये बढ़ सकते हैं गन्ने के दाम

Farmers Protest: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बुधवार को कहा कि केंद्रीय कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसानों से पांचवें दौर की बातचीत की पेशकश करते हुए उनसे शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की है। BJP ने कहा कि किसानों का विकास केंद्र सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। सरकार ने किसानों को 5वें दौर की बातचीत के लिए न्योता दिया है

अपडेटेड Feb 21, 2024 पर 2:39 PM
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Farmers Protest: गन्ने की FRP 315 रुपये से बढ़ाकर 340 रुपये प्रति क्विंटल करने का है प्रस्ताव

Farmers Protest updates: दिल्ली की सीमाओं पर जुटे किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए आज (21 फरवरी) शाम को करीब साढ़े 7 बजे कैबिनेट की अहम बैठक होने वाली है। बैठक की अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इस बैठक में किसानों से जुड़े कई बड़े फैसलों पर मुहर लग सकती है। सूत्रों का कहना है किसानों को बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। गन्ने के दामों में 25 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार गन्ने की FRP 315 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 340 रुपये प्रति क्विंटल कर सकती है।

रिपोर्ट की मानें तो आज कैबिनेट की बैठक में शुगर सीजन 2024-25 के लिए गन्ने की FRP पर चर्चा हो सकती है। आमतौर पर सरकार जून या इसके बाद FRP तय करती है। FRP को Fair and Remunerative Price कहा जाता है। इसी कीमत पर चीनी मिलें किसानों से गन्ना खरीदती हैं। सरकार के इस फैसले को किसानों के हालिया प्रदर्शन और लोकसभा चुनाव 2024 से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

हरियाणा के सुरक्षा कर्मियों ने कुछ युवा किसानों द्वारा बुधवार को पंजाब और हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर बैरिकेड्स की ओर बढ़ने के बाद आंसू गैस के गोले छोड़े। हरियाणा पुलिस ने सुबह करीब 11 बजे आंसू गैस के गोले छोड़े जिसके बाद युवा किसान बचने के लिए इधर-उधर भागते दिखे।


पंजाब और हरियाणा के बीच दो सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसान बुधवार को अपना 'दिल्ली चलो' मार्च फिर से शुरू कर रहे हैं। सरकारी एजेंसियों द्वारा पांच साल तक दालें, मक्का और कपास न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने के केंद्र के प्रस्ताव को खारिज करने के बाद वे अपना आंदोलन फिर से शुरू कर रहे हैं।

हजारों किसानों ने 13 फरवरी को दिल्ली की ओर मार्च शुरू किया था। इन किसानों को हरियाणा सीमा पर ही रोक दिया गया था, जहां उनकी सुरक्षाकर्मियों से झड़प हुई थी। किसान तब से हरियाणा के साथ लगती पंजाब की सीमा पर शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा फसलों के लिए MSP पर कानूनी गारंटी और कृषि कर्ज माफी समेत अपनी मांगों को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली केंद्र सरकार पर दबाव बनाने के लिए 'दिल्ली चलो' मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं।

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